
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड के कम से मध्यम जोखिम की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में कुछ वाटरशेड और आसपास के इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है।
आईएमडी की नेशनल फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के मुताबिक, अगले 24 घंटों में कुछ क्षेत्रों में कम से कम 180 मिमी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा, चिंता वाले क्षेत्र (Area of Concern – AoC) में पिछले 24 घंटों में 62 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण मिट्टी की संतृप्ति 85-99 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह स्थिति बाढ़ के खतरे को और बढ़ा सकती है।
हिमाचल प्रदेश में शिमला और सिरमौर जिलों में फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम जोखिम बताया गया है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों में भी फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है। उत्तरकाशी जिले में हाल ही में सुखी टॉप और हरसिल क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड की घटनाएं हुई थीं, जिसके बाद कई दिनों तक बचाव अभियान चलाया गया।
बिहार के अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और सुपौल जिलों तथा सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पूर्व सिक्किम, उत्तर सिक्किम, दक्षिण सिक्किम, पश्चिम सिक्किम, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कोचबिहार और उत्तर दिनाजपुर जिलों में भी फ्लैश फ्लड की संभावना है।
आईएमडी ने कहा है कि पूरी तरह से संतृप्त मिट्टी और चिंता वाले क्षेत्रों में सतही जलभराव या जलप्लावन की स्थिति बन सकती है। बुधवार सुबह 5:30 बजे तक, चिंता वाले क्षेत्र के कुछ वाटरशेड और आसपास के इलाकों में पिछले 6 घंटों में 51 मिमी और पिछले 24 घंटों में 62 मिमी तक बारिश दर्ज की गई।
लैंड सरफेस मॉडल के अनुसार, चिंता वाले क्षेत्र में कुछ वाटरशेड 85 से 99 प्रतिशत तक संतृप्त हो चुके हैं, जबकि देश के बाकी हिस्सों में मिट्टी की संतृप्ति 50 प्रतिशत तक है।
इस बुलेटिन को नई दिल्ली, कोलकाता, शिमला, देहरादून, पटना, गंगटोक और अन्य फ्लड मौसम विज्ञान कार्यालयों (FMOs) को जारी किया गया है।
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