
नई दिल्ली: भारत इस साल 79वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाने के लिए तैयार है। ऐतिहासिक लाल किला इस अवसर को मनाने के लिए सज धज चुका है।
राष्ट्रपति का संदेश
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देशवासियों को संबोधित करेंगी। अपने संबोधन में मुर्मू भारत के विकास यात्रा के बारे में बताएंगी। साथ ही वह आने वाले दिनों में भारत के सामने मौजूद नए अवसरों और चुनौतियों पर भी प्रकाश डालेंगी।
पिछले साल अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में मुर्मू ने केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और समाज के अन्य वंचित वर्गों के कल्याण के लिए अपनाई गई कई पहलों को हाइलाइट किया था। उन्होंने अमृत काल का भी जिक्र किया था जिसमें युवाओं की ऊर्जा और उत्साह देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
राष्ट्रपति पुरस्कारों की घोषणा
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले गृह मंत्रालय राष्ट्रपति पदक की विभिन्न श्रेणियों जैसे गैलेंट्री मेडल, डिस्टिंग्विश्ड सर्विस मेडल और मेरिटोरियस सर्विस मेडल के लिए पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा करेगा। इन पुरस्कारों के लिए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और विभिन्न सुरक्षा बलों से सिफारिशें प्राप्त हुई हैं। गुरुवार सुबह 10 बजे एमएचए की वेबसाइट पर इनकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी।
लाल किले पर समारोह
लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह सुबह 9 बजे से शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सशस्त्र बलों और दिल्ली पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे जिसके बाद राष्ट्रगान की प्रस्तुति और 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर फूलों की पंखुड़ियां बरसाएंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री का संबोधन होगा जिसके बाद फिर से राष्ट्रगान गाया जाएगा और तिरंगे गुब्बारे हवा में छोड़े जाएंगे।
बैठने की व्यवस्था और यातायात नियंत्रण
लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने वाले आम नागरिकों के लिए बैठने की व्यवस्था इस तरह से की गई है कि सभी दर्शकों को कार्यक्रम का सही दृश्य मिल सके। बैठने की व्यवस्था को कई सेक्शन में बांटा गया है जिनका अपना विशेष उद्देश्य और पहुंच है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले यातायात एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली पुलिस के एडिशनल सीपी ट्रैफिक दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया, “हमारी सीमाओं पर कल रात 10 बजे से प्रतिबंध लगा दिए गए हैं जिसके तहत हम किसी भी वाणिज्यिक वाहन को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेंगे जब तक लाल किले पर व्यवस्थाएं समाप्त नहीं हो जातीं। राजघाट की तरफ जाने वाले रिंग रोड पर भी प्रतिबंध हैं क्योंकि वहां वीआईपी आवागमन होता है।”
210 पंचायत प्रतिनिधि होंगे स्वतंत्रता दिवस के विशेष अतिथि
पंचायती राज मंत्रालय ने 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 210 पंचायत प्रतिनिधियों को शुक्रवार को लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। इस साल के विशेष अतिथियों में महिला पंचायत नेताओं की संख्या अधिक है जिन्होंने अपने ग्राम पंचायतों में बेहतर बुनियादी ढांचा, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार और समावेशी सामुदायिक पहल जैसे सकारात्मक बदलाव किए हैं।
इन विशेष अतिथियों के साथ उनके जीवनसाथी और नोडल अधिकारी मिलाकर कुल 425 प्रतिभागी समारोह में शामिल होंगे। गुरुवार को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा इन विशेष अतिथियों के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस साल के कार्यक्रम की थीम ‘आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत की पहचान’ है जो विकसित भारत के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में आत्मनिर्भर पंचायतों के दृष्टिकोण को दर्शाती है। सम्मान समारोह में एआई आधारित ‘सभासार’ एप्लिकेशन का लॉन्च और ग्रामोदय संकल्प पत्रिका का 16वां अंक जारी किया जाएगा।
राष्ट्रपति का ‘एट होम’ स्वागत समारोह
परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश भर से आए मेहमानों के साथ 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘एट होम’ स्वागत समारोह में शामिल होंगी। इस बार सवाल यह है कि इस अवसर के लिए आमंत्रण पत्र बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित भारत के पूर्वी क्षेत्र के चार राज्यों की जीवंत लोक कला परंपराओं से प्रेरित है।
इस आमंत्रण को इन चार पूर्वी राज्यों की अनूठी विरासत और रचनात्मक उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। घास से बुने हुए हाथ से बने बॉक्स, पुन: प्रयोग योग्य बांस का फोटो फ्रेम, उत्कृष्ट लोक चित्रकला और विशेष रूप से डिजाइन की गई ब्लॉक प्रिंटेड स्टोल जैसे हर तत्व इस क्षेत्र के कलाकारों के कौशल और कल्पना को दर्शाता है।