
पटना में आयोजित ‘यूथ ऑफ बिहार 2047 स्टूडेंट कॉन्क्लेव’ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार के युवाओं को देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बनने की ओर अग्रसर है, लेकिन इस यात्रा में बिहार को नेतृत्व करना होगा।
प्रधान ने कहा, “बिहार ने पहले भी देश का नेतृत्व किया है और अब फिर से यह करना होगा। एनडीए ने 20 साल तक यहाँ शासन करके बिहार और देश को आगे बढ़ाने का काम किया। अब बिहार के युवा नेतृत्व की जिम्मेदारी है कि वे इस मिशन को आगे ले जाएँ।”
इस कार्यक्रम में बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी युवाओं को संबोधित किया। प्रधान ने बताया कि दुनिया की भारत से बड़ी उम्मीदें हैं और गरीब तथा विकासशील देश भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं।
“देश में एक नया माहौल बना है। रोज नई खोजें हो रही हैं और हमारे युवा अब नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन रहे हैं। बिहार के युवाओं को भी टेक्नोलॉजी के जरिए बदलाव लाना चाहिए,” उन्होंने कहा।
1975 में आपातकाल के दौरान पटना के गांधी मैदान से शुरू हुए जयप्रकाश (जेपी) आंदोलन का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा कि समय के साथ युवाओं की भूमिका बदली है, लेकिन जिम्मेदारी वही है — लोकतंत्र की रक्षा करना और देश का नेतृत्व करना।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरजेडी और कांग्रेस पर ‘वोट चोरी’ के झूठे दावों से अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। प्रधान ने कहा, “यह देश कोई धर्मशाला नहीं है। बांग्लादेशियों को यहाँ वोट देने का कोई अधिकार नहीं है। जिन्होंने चारा और जमीन लूटी, उन्हें अब बिहार के विकास को देखना चाहिए।”
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के साथ गठबंधन करने के लिए भी निशाना साधा, जिन्होंने एक बार बिहार के ‘डीएनए’ पर सवाल उठाया था। प्रधान ने बिहार के युवाओं से चुनाव में ऐसी ताकतों को हराने की अपील की।
बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने भारत की सभ्यतागत शक्ति पर जोर देते हुए कहा, “भारत अपनी ज्ञान परंपरा के आधार पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अमृत काल में बिहार और देश विकास के पथ पर साथ चल रहे हैं। हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि इस गति को बनाए रखें।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा नेतृत्व को न केवल टेक्नोलॉजी बल्कि हर क्षेत्र में तैयार रहना चाहिए, क्योंकि सही विकास तभी संभव है जब युवा पीढ़ी शिक्षित और संस्कारित दोनों हो।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के युवाओं की ऊर्जा उनकी एनडीए के प्रति प्रतिबद्धता दिखाती है। “भारत सबसे युवा देश है और बिहार सबसे युवा राज्य। एनडीए सरकार रोजगार, उद्यमिता और खेल के क्षेत्र में अवसर देकर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में जुटी है। बिहार सरकार अपने युवाओं के सपनों के साथ पूरी तरह खड़ी है,” उन्होंने कहा।
इस कॉन्क्लेव को विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की युवाओं तक पहुँच बनाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। इसमें बिहार के युवाओं को 2047 – स्वतंत्रता की शताब्दी – के लिए भारत के विजन का केंद्र बताया गया।