
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में Sanand, Gujarat में CG Semi Private Limited की उन्नत OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) सुविधा के उद्घाटन के बाद एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि भारत का Semiconductor Mission (ISM) एक व्यापक दृष्टिकोण अपना रहा है, जिसमें ड्रोन के लिए chip manufacturing भी शामिल है। यह भारत को technology के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
वैष्णव ने ANI से बात करते हुए कहा कि 10 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जो देश के लगभग हर प्रमुख क्षेत्र को कवर करती हैं। इनमें automotive, telecom, consumer electronics और display modules जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। रणनीतिक दृष्टि से देखें तो drone manufacturing जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी अब भारत में semiconductor का उत्पादन होगा, जो देश की सुरक्षा और तकनीकी प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में semiconductor mission को मंजूरी दी थी। इस mission को हकीकत में बदलने के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ semiconductor विशेषज्ञों ने कड़ी मेहनत की है। उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि हम आज इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं।
2023-24 में जिन परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी, उनका निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। CG Power की pilot line आज से शुरू हो गई है, जो एक उन्नत सुविधा है। वैष्णव ने विश्वास दिलाया कि ‘made-in-India’ chip का उत्पादन जल्द ही शुरू होगा। यह देश को self-reliant बनाने की दिशा में एक vital step है।
उद्घाटन समारोह में बोलते हुए, वैष्णव ने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘बहुत जल्द’ देश की पहली chip को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसका उत्पादन इसी सुविधा में किया गया है। उन्होंने कहा, ‘CG Power की pilot line का उद्घाटन आज यहां हुआ है, और बहुत जल्द, इस pilot line से निर्मित chip को प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।’
CG Power और Industrial Solutions Ltd ने Renesas Electronics America Inc. और Stars Microelectronics (Thailand) Public Co. Ltd. के साथ मिलकर Sanand में अपनी semiconductor OSAT इकाई स्थापित की है। इस साझेदारी में लगभग 7,600 करोड़ रुपये का कुल निवेश किया गया है, जो इस क्षेत्र में एक बड़ा निवेश है।
आगामी Semicon India 2025 के बारे में बात करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा, ‘semiconductor industry का विकास भारत को self-reliant बनाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है।’ उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री ने 2022 में Semiconductor Mission को मंजूरी दी थी, और इस mission के तहत वैश्विक विशेषज्ञों ने मिलकर काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप कई अच्छे प्रोजेक्ट सामने आए हैं।
भारत Semiconductor Mission (ISM) दिसंबर 2021 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित भारत सरकार का एक व्यापक कार्यक्रम है, जिसे 76,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य देश में एक मजबूत semiconductor और display manufacturing ecosystem का निर्माण करना है, जिसका लक्ष्य वैश्विक electronics value chains में भारत की स्थिति को मजबूत करना है। इस mission की प्रमुख गतिविधियों में fabrication और chip design के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना, रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए Digital India Corporation के भीतर एक स्वतंत्र प्रभाग स्थापित करना, और SEMICON India जैसे आयोजनों के माध्यम से एक वैश्विक semiconductor hub को बढ़ावा देना शामिल है। यह भारत के technology भविष्य के लिए एक उज्ज्वल तस्वीर प्रस्तुत करता है।
भारत का यह Semiconductor Mission सिर्फ chip बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के हर प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र को सशक्त करेगा। इससे न केवल विदेशी उपकरणों पर हमारी निर्भरता कम होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और भारत वैश्विक technology मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभरेगा।
यह पहल भारत को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से drone manufacturing जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में domestically produced semiconductor का उपयोग देश की सुरक्षा क्षमताओं को और बढ़ाएगा। यह स्पष्ट है कि भारत एक नईIndustrial revolution की दहलीज पर खड़ा है, जिसका नेतृत्व स्वदेशी technology कर रही है।