
बिहार की राजनीति में इन दिनों गरमाहट छाई हुई है. हाल ही में ‘वोट अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगता माता के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है. इस घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कड़ी निंदा व्यक्त की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है वह घोर अशोभनीय है और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं.” यह बयान एक 33 सेकंड के वीडियो के वायरल होने के बाद आया है, जिसमें एक भीड़ भरे मंच पर किसी व्यक्ति को पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द कहते हुए दिखाया गया है, जबकि अन्य लोग उससे माइक छीनने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.
जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, “जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कांग्रेस मंच का इस्तेमाल देश के पीएम और उनकी दिवंगत मां को गाली देने के लिए किया जाता है, तो और क्या बाकी रह जाता है? राहुल गांधी के लिए ‘फौल मे बी फेयर’ हो सकता है, क्योंकि वह खुद पीएम के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसे कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता, लेकिन बिहार के लोग, खासकर सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मिथिलांचल में इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया जाएगा और इसकी कड़ी निंदा की जाएगी.” यह घटना बिहार चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बन गई है, और इससे राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है.
झा ने आगे कहा कि विपक्ष के नेता के लिए इतना नीचे गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि “पहरेदार चोर है” जैसे निराधार आरोपों और नारों का क्या हश्र हुआ था और उसे 2019 में इसका परिणाम मिल चुका है. उन्होंने कहा, “बिहार विपक्ष के ‘वर्बल डायरिया’ का करारा जवाब देगा.” राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के शीर्ष नेताओं, जिनमें गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हैं, ने इस घटना की निंदा की है और राहुल गांधी तथा तेजस्वी प्रसाद यादव पर पार्टी नेताओं को अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया है. यह घटना बिहार चुनाव के माहौल में और गर्मी भर रही है और राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी है. बिहार चुनावों में इस तरह की बयानबाजी से माहौल काफी तनावपूर्ण हो रहा है.
बिहार बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने कोतवाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. गुरुवार शाम तक दरभंगा के लहेरियासराय पुलिस स्टेशन, सिमरी पुलिस स्टेशन और साइबर पुलिस स्टेशन में तीन और मामले दर्ज किए गए हैं. युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मोहम्मद नौशाद, जिन्होंने बताया कि वायरल वीडियो उत्तरी बिहार के बाहरी इलाके में उनके द्वारा लगाए गए पोडियम का था, ने माफ़ी मांगी, लेकिन कहा, “वीडियो तब शूट किया गया था जब मैं राहुल गांधी के गुजरने के बाद मौके से चला गया था. मैंने अभी तक क्लिप नहीं देखी है.” दरभंगा पुलिस ने भी X पर पोस्ट किया कि “Md नौशाद को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया.” अधिकारी ने बताया कि रफीक उर्फ रज़ा, जिसने कांग्रेस के मंच से अपमानजनक भाषण दिया था, उसे भी देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया. रैली के आयोजन में शामिल लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे इस बात पर भी नज़र रख रहे हैं कि वीडियो क्लिप को कैसे वायरल किया गया.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, जो पटना में थे, ने कहा कि यह शर्मनाक है कि राहुल गांधी और तेजस्वी प्रसाद यादव “एक ऐसी मां को गाली देने के लिए मंच प्रदान कर रहे हैं जो अब इस दुनिया में नहीं हैं और जिनका बेटा आज भारत और दुनिया का सबसे प्यारा और सम्मानित नेता है.” पीएम मोदी 15 सितंबर को बिहार का दौरा करने वाले हैं, रिपोर्ट के अनुसार यह चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले उनका अंतिम दौरा होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि “विपक्ष ने उन्हें चुनावी बिगुल बजाने के लिए सही ammunition (गोला-बारूद) प्रदान किया है.” इससे साफ है कि आने वाले बिहार चुनावों में सियासी घमासान और तेज होने वाला है. बिहार चुनावों में इस घटना का सीधा असर देखने को मिल सकता है.