
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने युवा क्रिकेट प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी की तुलना महान भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से की है। थरूर ने बीसीसीआई से इस 14 वर्षीय खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने का आग्रह किया है।
उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि चौदह साल की उम्र में ऐसी असाधारण प्रतिभा दिखाने वाले आखिरी खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर थे। थरूर ने गौतम गंभीर, बीसीसीआई, सचिन तेंदुलकर और अजीत अगरकर को टैग करते हुए इस मांग को रखा।
बिहार के इस सनसनीखेज खिलाड़ी ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट लीग मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली। वैभव सूर्यवंशी मेन्स लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए।
उनकी उम्र महज 14 साल और 272 दिन है। यह शतक सीनियर क्रिकेट में उनका पहला नॉन-टी20ई शतक था जो उन्होंने सिर्फ 36 गेंदों में पूरा किया।
यह लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की तीसरी सबसे तेज शतकीय पारी है। यह वैभव की सातवीं लिस्ट ए गेम थी, जिसमें उन्होंने दिसंबर 2025 में मध्य प्रदेश के खिलाफ डेब्यू किया था।
इसके अलावा, सूर्यवंशी ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर एबी डी विलियर्स के लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।
इस 14 वर्षीय ने 150 रन का आंकड़ा महज 59 गेंदों में छू लिया। उन्होंने एबी डी विलियर्स के 64 गेंद के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया जो 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ बना था।
वैभव सूर्यवंशी 84 गेंदों में 190 रन बनाकर आउट हुए। उनकी इस पारी में 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे। उन्होंने 226.19 का शानदार स्ट्राइक रेट बनाया।
बिहार बनाम अरुणाचल प्रदेश के इस विजय हजारे ट्रॉफी मैच में सूर्यवंशी के अद्भुत 190 रनों और उनके कप्तान साकिबुल जानी की नाबाद 128 रन की पारी ने सभी का ध्यान खींचा।
आयुष लोहारुका ने भी 56 गेंदों में 116 रन बनाकर शतक जड़ा। इस तरह टीम में तीन शतकीय पारियां हुईं और बिहार ने लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर 574 रन बनाया।
अरुणाचल प्रदेश की टीम इस भारी स्कोर के आगे टिक नहीं पाई। वे 42.1 ओवर में सिर्फ 177 रन बना सके और यह एकतरफा मुकाबला 398 रनों से हार गए।
शशि थरूर का यह बयान क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। एक नई प्रतिभा के रूप में वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजरें टिकी हैं।
उनकी इस शानदार पारी ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़े बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं। बीसीसीआई अब इस युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को आगे कैसे निखारती है, यह देखना दिलचस्प होगा।
क्रिकेट की दुनिया में नए सितारे उभरते रहते हैं और वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पहली ही कोशिश में इतिहास रच दिया है।










