
भारत के पहले वाणिज्यिक स्तर के ट्रॉपिकल रेनबो ट्राउट एक्वाकल्चर फार्म और रिसर्च इंस्टीट्यूट का उद्घाटन एक बड़ा मोड़ है। यह देश में एक्वाकल्चर के विकास में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
इस स्मार्ट ग्रीन एक्वाकल्चर फार्म और रिसर्च इंस्टीट्यूट का उद्घाटन तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुआ। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने इस अत्याधुनिक रिसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम सुविधा का शुभारंभ किया।
इस फैसिलिटी ने साबित कर दिया है कि रेनबो ट्राउट जैसी हाई वैल्यू कोल्ड वॉटर प्रजातियों को ट्रॉपिकल क्लाइमेट में भी उगाया जा सकता है। यह प्रेसिजन इंजीनियरिंग और एडवांस्ड वॉटर रिसर्कुलेशन टेक्नोलॉजी से संभव हुआ है।
यह उपलब्धि पुरानी धारणाओं को तोड़ती है कि प्रीमियम एक्वाकल्चर प्रजातियाँ केवल विशेष जलवायु वाले क्षेत्रों तक सीमित हैं। अब टेक्नोलॉजी जलवायु से अधिक महत्वपूर्ण कारक बन गई है।
यह प्रोजेक्ट एक लाइव ट्रेनिंग और डेमोन्स्ट्रेशन प्लेटफॉर्म के रूप में भी काम करेगा। यह युवाओं को एडवांस्ड एक्वाकल्चर सिस्टम, ऑटोमेशन और बायोसिक्योरिटी का प्रैक्टिकल अनुभव देगा।
इससे फिशरीज सेक्टर में ह्यूमन कैपिटल मजबूत होगा। युवाओं को नए रोजगार के अवसर मिलेंगे और कौशल विकास होगा।
पिछले कुछ वर्षों में इस सेक्टर में केंद्र सरकार के निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2015 से शुरू हुए इस प्रयास में कुल 38,572 करोड़ रुपये का निवेश विभिन्न योजनाओं के तहत किया गया है।
कोल्ड वॉटर फिशरीज अब फिशरीज सेक्टर का एक डायनामिक और हाई पोटेंशियल सेगमेंट बन गया है। इसकी गति तेजी से बढ़ रही है।
प्रीमियम कोल्ड वॉटर प्रजातियों की बढ़ती मार्केट डिमांड इसकी मुख्य वजह है। घरेलू और निर्यात के अवसरों का विस्तार हो रहा है।
सस्टेनेबल एक्वाकल्चर टेक्नोलॉजी में निवेश भी बढ़ रहा है। यह सब-सेक्टर पहाड़ी और हाई-अल्टीट्यूड इलाकों में आजीविका और आर्थिक विकास का प्रमुख स्रोत बन रहा है।
फिशरीज विभाग ने रेनबो ट्राउट हैचरियों के विकास के जरिए इन संसाधनों का दोहन करने में बड़ी प्रगति की है। इससे मछली उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है।
स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। यह परियोजना क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
यह सफलता देश के अन्य हिस्सों के लिए भी एक मॉडल प्रस्तुत करती है। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के बल पर नई संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।
भारत का एक्वाकल्चर सेक्टर अब नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। यह फार्म इस दिशा में एक साहसिक और सफल कदम है।










