
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कहा कि उन्होंने और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेन्स के साथ एक बहुत ही फलदायक बैठक की। यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों पर केंद्रित थी।
ठाकुर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। साथ ही, इस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि इस साझेदारी को स्थायी, लचीला, सम्मानजनक और दुनिया के लिए फायदेमंद बनाने पर जोर दिया गया। इस बैठक के आयोजन के लिए उन्होंने यूएस इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम का भी आभार व्यक्त किया।
यह बैठक दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनयिक संवाद का हिस्सा लगती है। पिछले कुछ दिनों में कई अमेरिकी नेताओं से भारतीय मंत्रियों की मुलाकातें हुई हैं।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी आज ही अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेन्स और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की। गोयल ने भी इस मुलाकात को उत्पादक बताया।
उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों पर रचनात्मक विचारों का आदान प्रदान हुआ। यह मुलाकात भी दोनों देशों के बीच गहरे होते रिश्तों का संकेत देती है।
इससे पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी रविवार को सीनेटर डेन्स से मुलाकात की थी। उनकी चर्चा भी द्विपक्षीय संबंधों और उनके रणनीतिक महत्व पर केंद्रित थी।
जयशंकर ने बताया कि यह एक विस्तृत और खुली चर्चा थी। दोनों नेताओं ने भारत अमेरिका संबंधों की अहमियत पर प्रकाश डाला।
पिछले हफ्ते, अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने भी सीनेटर डेन्स से मुलाकात की थी। उन्होंने भी द्विपक्षीय रिश्तों पर चर्चा की।
इन लगातार हो रही मुलाकातों से साफ है कि दोनों देश अपने रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं। हर स्तर पर बातचीत जारी है।
भारत अमेरिका संबंध आज दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय साझेदारियों में से एक हैं। दोनों लोकतंत्रों के बीच सहयोग के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।
इस साझेदारी का असर केवल दोनों देशों तक ही सीमित नहीं है। यह पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इसीलिए इसे और मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
सीनेटर डेन्स की भारत यात्रा इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उनसे हुई चर्चाओं ने दोनों पक्षों के बीच समझ को और गहरा किया है।
भविष्य में भी इस तरह के high level exchanges जारी रहने की उम्मीद है। यह दोनों देशों की जनता के हित में है।
दोनों देश technology, defence और trade जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। यह साझेदारी आने वाले समय में और भी परिपक्व होगी।










