
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दिए गए राष्ट्र के नाम संदेश की सराहना की। उन्होंने इसे प्रेरणादायक और भारत के संवैधानिक मूल्यों व लोकतांत्रिक भावना की मजबूत पुष्टि बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति जी ने बहुत प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने हमारे संविधान की विशिष्टता पर सही जोर दिया और राष्ट्र को आगे ले जाने वाली सामूहिक भावना की सराहना की।
उनका यह संबोधन प्रत्येक नागरिक को लोकतंत्र को मजबूत करने, संवैधानिक आदर्शों को कायम रखने और विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए प्रेरित करता है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में देश के विकास में महिलाओं की सशक्त भागीदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही प्रमुख पहलों को रेखांकित किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय और सशक्त भागीदारी देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राष्ट्रीय प्रयासों ने कई क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है।
प्रमुख योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए, मुर्मू ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और प्रधानमंत्री जन धन योजना के देश भर में महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रभाव को रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक 57 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। इनमें से लगभग 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम हैं।
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में बढ़ती भागीदारी और विविध क्षेत्रों में अपनी भूमिका का विस्तार करके पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़ रही हैं।
हमारी महिलाएं पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़कर आगे बढ़ रही हैं। वे देश के समग्र विकास में सक्रिय योगदान दे रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी दस करोड़ से अधिक महिलाएं विकास की प्रक्रिया को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रही हैं। यह क्षेत्र कृषि से लेकर अंतरिक्ष तक और स्वरोजगार से लेकर सशस्त्र बलों तक फैला हुआ है।
खेल के क्षेत्र में हमारी बेटियों ने वैश्विक स्तर पर नए मानदंड स्थापित किए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में वंदे मातरम और देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर भी प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री मोदी का यह समर्थन राष्ट्रपति के संदेश को और अधिक मजबूती प्रदान करता है। यह सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राष्ट्रपति के संबोधन ने देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को फिर से याद दिलाया है। यह भारत की प्रगति में सामूहिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है।
महिला सशक्तिकरण पर दिया गया यह जोर देश के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और जन धन योजना जैसे कार्यक्रमों ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन योजनाओं ने महिलाओं को वित्तीय और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने का काम किया है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करोड़ों महिलाएं अब आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन रही हैं। यह परिवर्तन न केवल उनके जीवन को बदल रहा है बल्कि पूरे समाज को नई दिशा दे रहा है।
महिलाएं अब पारंपरिक सीमाओं को लांघकर नए आयाम स्थापित कर रही हैं। खेल, विज्ञान, रक्षा और व्यवसाय हर क्षेत्र में उनकी सफलता की कहानियां सुनाई दे रही हैं।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दिया गया यह संबोधन देश को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करता है। यह हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करने वाला है।










