
बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े एक नए धोखाधड़ी के मामले में नामजद हुए हैं। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की भोगांव पुलिस ने अदालत के आदेश पर यह मामला दर्ज किया है। अभिनेता समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ यह प्राथमिकी दर्ज की गई है।
स्थानीय निवासियों से एक उच्च रिटर्न वाली निवेश योजना के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने के आरोप हैं।
एक एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला भोगांव के मोहल्ला मिश्राना के एक निवासी की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायत में दावा किया गया कि तलपड़े और उनके सहयोगियों ने मुंबई स्थित एक बैंक शाखा का नाटक किया। यह शाखा सीधे मोहल्ला मिश्राना इलाके से चल रही थी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि गांव और कस्बे के लोगों को भारी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें काफी बड़े वित्तीय रिटर्न का आश्वासन दिया गया था।
हालांकि, वादा किया गया मुनाफा कभी हाथ नहीं लगा। इसके बजाय निवेशकों को बाद में एहसास हुआ कि उनके पैसे का दुरुपयोग किया गया है। जब चुकाने की बार बार मांग का कोई जवाब नहीं मिला तो मामला अदालत पहुंचा।
अदालत ने बाद में पुलिस को मामला दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया। आरोपों की जांच और फंड के प्रवाह का पता लगाने के लिए एक औपचारिक जांच शुरू की गई है। पुलिस कथित मुंबई बैंक शाखा की संरचना और प्रामाणिकता की भी जांच कर रही है।
पुलिस आरोपियों से इसका संबंध भी तलाश रही है। एफआईआर में 12 लोगों के नाम दर्ज हैं लेकिन जांच आगे बढ़ने पर और नाम जोड़े जा सकते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब श्रेयस तलपड़े का नाम कथित निवेश धोखाधड़ी से जुड़ा है। पिछले एक साल में उनका नाम उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में दर्ज ऐसे ही मामलों में सामने आया है। ये मामले लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े हैं।
अक्टूबर 2025 में बागपत पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ एक बहु करोड़ निवेश घोटाले की एफआईआर दर्ज की थी। इसमें तलपड़े और अभिनेता आलोक नाथ भी शामिल थे। 500 से अधिक निवेशकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें पांच साल में पैसे दोगुने होने के वादे पर ठगा गया।
निवेशकों के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों ने सोसाइटी की आवर्ती जमा, सावधि जमा और बचत खाता योजनाओं में निवेश किया था। कथित धोखाधड़ी तब सामने आई जब कंपनी ने 27 नवंबर 2024 को अचानक अपना लेनदेन सॉफ्टवेयर बंद कर दिया।
निवेशकों ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी दुबई भाग गए और धनवापसी की मांग करने पर धमकियां दीं। अभिनेताओं को कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बताया गया था। उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसकी योजनाओं का प्रचार भी किया था।
इन सभी मामलों में जांच जारी है। पुलिस फंड के प्रवाह और आरोपियों के बीच संबंधों की तह तक जा रही है। निवेशकों को मिले वादों और हकीकत के बीच का फर्क साफ दिख रहा है।
ऐसे मामले आम लोगों के लिए एक सबक हैं। किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जांच पड़ताल जरूरी है। बड़े रिटर्न के लालच में आकर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
अभिनेता श्रेयस तलपड़े पर लगे ये आरोप उनकी छवि के लिए एक चुनौती बन गए हैं। उनकी ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार है।










