
हैदराबाद से सांसद कोन्डा विश्वेश्वर रेड्डी ने इंटरनेशनल हेल्थ डायलॉग्स 2026 और नई दिल्ली में आयोजित AI समिट में भारत की आर्थिक और स्वास्थ्य रणनीति में Artificial Intelligence की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि AI अब केवल एक business opportunity नहीं बल्कि भारत सरकार के लिए एक strategic priority है।
उन्होंने मंगलवार को 20 से अधिक देशों के नेताओं, नीति निर्माताओं, डॉक्टरों, इंजीनियरों और industry experts को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण ने AI को राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में रखा है।
इसका मुख्य फोकस healthcare, agriculture और education में वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को हल करना है। भारत पहले ही AI skill penetration में वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है।
एक phased roadmap को early adoption से global innovation तक लागू किया जा रहा है। रेड्डी ने कहा कि सरकार ने AI infrastructure के लिए 70 बिलियन डॉलर की योजना पहले ही क्रियान्वित कर ली है।
अब India AI 2.0 के तहत दूसरे चरण में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारतीय biotech, pharma और healthcare कंपनियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने दुनिया भर में सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली vaccines और medicines उपलब्ध कराई हैं। उनका मानना है कि भारतीय AI products और services भी इसी सफलता को दोहराने के लिए तैयार हैं।
रेड्डी ने जोर देकर कहा कि AI की सफलता के लिए data quality और unbiased, granular information आवश्यक है। भारत के पास मजबूत public digital infrastructure है।
इसमें दुनिया की सबसे बड़ी digital ID system आधार और 750 मिलियन से अधिक daily digital payment transactions शामिल हैं। AI का Ayushman Bharat के साथ integration देश के सबसे दूरस्थ कोनों तक healthcare access का विस्तार करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत का vision केवल अपने नागरिकों के लिए स्वस्थ और लंबा जीवन सुनिश्चित करना ही नहीं है। यह innovation, collaboration और technology के माध्यम से वैश्विक कल्याण में योगदान देना भी है।
रेड्डी ने गर्व के साथ कहा कि भारत AI के भविष्य को आकार देने में leadership role निभा रहा है। यह एक ऐतिहासिक पल है जहां technology मानवता की सेवा में लगी हुई है।
भारत की यह यात्रा केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक समावेशन और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में एक कदम है। AI के माध्यम से शिक्षा और कृषि क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।
सरकार की यह योजना देश को एक global innovation hub बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे और startup ecosystem को मजबूती मिलेगी।
दुनिया भर के experts ने इस राष्ट्रीय योजना की सराहना की है। यह दर्शाता है कि भारत technological advancement के क्षेत्र में एक strong player के रूप में उभर रहा है।
सभी हितधारकों के सहयोग से यह सपना साकार हो सकता है। भारत की इस AI journey में हर नागरिक एक important stakeholder है।
यह समय देश के लिए गर्व का है क्योंकि हम एक नए युग की ओर बढ़ रहे हैं। technology और मानवीय मूल्यों का यह संगम एक बेहतर कल का निर्माण करेगा।










