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ग्लोबल oil market में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जहां Brent crude की कीमत 3.39 प्रतिशत टूटकर 104.96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं US WTI crude भी 3.22 प्रतिशत गिरकर 92.47 डॉलर के स्तर पर आ गया। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने ईरान के तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों में राहत देने का संकेत दिया है। oil-prices-fall-iran-sanctions की इस खबर ने वैश्विक बाजार में तुरंत असर दिखाया और निवेशकों की धारणा में बदलाव देखने को मिला।
दरअसल अमेरिकी Treasury Secretary Scott Bessent ने संकेत दिया कि समुद्र में मौजूद करीब 140 million barrels ईरानी तेल को प्रतिबंध से बाहर किया जा सकता है। इससे supply अचानक बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव बन सकता है। इसी बीच यह भी कहा गया कि अमेरिका फिलहाल ईरान के energy infrastructure को निशाना नहीं बना रहा है, जिससे बाजार में risk कम हुआ है। ऐसे संकेतों के बाद oil-prices-fall-iran-sanctions ने तेजी से बाजार में राहत का माहौल बनाया।
तकनीकी रूप से देखें तो पिछले कुछ हफ्तों में तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था। 2 मार्च को Brent crude करीब 77.74 डॉलर था, जो 19 मार्च तक बढ़कर 108.65 डॉलर पहुंच गया, यानी लगभग 40 प्रतिशत की तेजी। लेकिन अब geopolitical तनाव में थोड़ी नरमी के संकेत मिलते ही risk premium घटा है और कीमतें नीचे आई हैं। जानकारों के अनुसार oil-prices-fall-iran-sanctions से short term में volatility बनी रह सकती है, क्योंकि supply और demand के बीच संतुलन अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है।
अब सवाल यह है कि इसका असर भारत जैसे देशों पर क्या होगा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा crude oil import करता है, ऐसे में कीमतों में गिरावट से import bill कम हो सकता है। इससे रुपये पर दबाव घटने की संभावना है और inflation में भी कुछ राहत मिल सकती है। वहीं transport cost और fuel prices पर भी इसका असर दिख सकता है। ऐसे में oil-prices-fall-iran-sanctions भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए short term में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
इसी बीच equity market में भी तेजी देखने को मिली है। Sensex करीब 1000 अंक यानी 1.34 प्रतिशत तक उछला, जबकि Nifty में लगभग 300 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि global market में मिश्रित संकेत रहे, जहां US के S&P 500 में 0.27 प्रतिशत और Nasdaq में 0.28 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे साफ है कि oil-prices-fall-iran-sanctions का असर अलग-अलग बाजारों पर अलग तरीके से पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक West Asia के हालात पर निर्भर करेगी। अगर तनाव और कम होता है तो crude की कीमतों में और गिरावट आ सकती है, लेकिन किसी भी नए घटनाक्रम से तेजी वापस लौट सकती है। ऐसे में निवेशकों और policy makers दोनों के लिए oil-prices-fall-iran-sanctions एक अहम संकेत बनकर उभरा है, जो global economy की दिशा तय कर सकता है।








