Santosh Trophy 2024-25: बंगाल ने 33वां खिताब जीतकर रचा इतिहास
West Bengal ने एक बार फिर से अपने फुटबॉल प्रभुत्व को साबित करते हुए Kerala को 1-0 से हराकर Santosh Trophy 2024-25 का खिताब अपने नाम किया। मंगलवार को GMC Balayogi Stadium में खेले गए इस रोमांचक फाइनल में Bengal ने 33वीं बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
जब लग रहा था कि मैच extra time में जाएगा, तभी 90+4th मिनट में Robi Hansda ने Bengal के लिए जीत का गोल दागा। Manotos Maji के सटीक हेडर को भुनाते हुए Hansda ने गेंद को पास से नेट में डाल दिया। Kerala की डिफेंस और गोलकीपर Hajmal S इस अचानक हुए हमले से पूरी तरह चकित रह गए।
Robi Hansda: The Star of the Tournament
Hansda का यह गोल न केवल Bengal के लिए खिताबी जीत लेकर आया बल्कि उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों का खजाना भी साबित हुआ। टूर्नामेंट में 12 गोल के साथ Hansda ने Tulsidas Balaram Player of the Match और Peter Thangaraj Player of the Tournament जैसे दो बड़े अवॉर्ड्स अपने नाम किए।
हालांकि, गोल के बाद खुशी में शर्ट उतारने पर उन्हें yellow card मिला, लेकिन उनकी इस खुशी ने जीत की अहमियत को और बढ़ा दिया।
फाइनल मैच में दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन अंत में Bengal का दबदबा रहा:
58वें मिनट: Bengal के फ्री किक ने गोल का मौका बनाया लेकिन गेंद जाल में नहीं जा सकी।
62वें मिनट: बॉक्स के ठीक बाहर Bengal को एक और फ्री किक मिली लेकिन वह भी चूक गई।
Kerala का जवाब: गोल के तुरंत बाद Kerala को फ्री किक का मौका मिला लेकिन गेंद क्रॉसबार के ऊपर चली गई।
West Bengal की इस जीत ने Santosh Trophy में उनके बेमिसाल रिकॉर्ड को और मजबूत किया। पूरे टूर्नामेंट में टीम की दृढ़ता और Hansda के प्रदर्शन ने Bengal को फाइनल तक पहुंचाया।
Kerala के लिए यह हार निराशाजनक थी, लेकिन उनकी मेहनत और प्रदर्शन ने दर्शकों का दिल जीत लिया। फाइनल ने Indian Football के प्रतिस्पर्धी स्वभाव को दर्शाया और आने वाले सीजन के लिए उम्मीदें बढ़ा दीं।