
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई के ताजा आंकड़ों ने असम की एक बड़ी उपलब्धि को रेखांकित किया है। पिछले पांच वर्षों में राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी जीएसडीपी वृद्धि दर देश में सबसे तेज रही है।
इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने कहा कि यह असम के लिए एक गर्व का पल है।
आरबीआई ने असम की जीएसडीपी वृद्धि को पांच साल में 45 प्रतिशत के साथ देश में सबसे तेज मान्यता दी है। सरमा ने इस सफलता का श्रेय असम के लोगों की मेहनत को दिया।
उन्होंने कहा कि यह हमारे लोगों के कठिन परिश्रम का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि वे असम को भारत के शीर्ष पांच राज्यों में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारतीय जनता पार्टी के असम प्रदेश अध्यक्ष दिलीप साइकिया ने भी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मील का पत्थर हिमंत बिस्वा सरमा के निर्णायक शासन और विकासोन्मुखी दृष्टि का प्रमाण है।
पार्टी के एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी साझा की गई। इसमें कहा गया कि यह उपलब्धि असम को भारत की आर्थिक वृद्धि की कहानी में अग्रणी स्थान पर लाती है।
इससे पूर्वोत्तर क्षेत्र के राष्ट्रीय विकास में बढ़ते योगदान पर भी प्रकाश डाला गया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता किशोर उपाध्याय ने इस बारे में विस्तार से बताया।
विज्ञप्ति के अनुसार, यह निरंतर वृद्धि कृषि, तेल और गैस क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन से संचालित हुई है। साथ ही असम और व्यापक पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के परिवर्तनकारी निवेश ने भी भूमिका निभाई है।
आंकड़े समावेशी विकास, व्यवसाय में आसानी, कनेक्टिविटी और जमीनी स्तर पर सशक्तिकरण पर केंद्रित नीतियों की सफलता को भी दर्शाते हैं। ये सभी प्रयास भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के तहत किए गए हैं।
दिलीप साइकिया ने कहा कि असम की प्रगति अब राष्ट्रीय स्तर पर संतुलित और व्यापक आधार वाले विकास के एक मॉडल के रूप में मान्यता प्राप्त कर रही है।
भाजपा असम प्रदेश ने मुख्यमंत्री का समर्थन करने के अपने संकल्प की पुष्टि की है। पार्टी विकसित असम के निर्माण के उनके मिशन में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह मिशन विकसित भारत के विजन के अनुरूप है। इसका लक्ष्य राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए समृद्धि, अवसर और गरिमा सुनिश्चित करना है।
असम की यह आर्थिक उपलब्धि निश्चित रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है। यह राज्य के भविष्य के लिए एक मजबूत नींव का संकेत देती है।
राज्य की अर्थव्यवस्था में यह गति बनाए रखना अगली चुनौती होगी। सभी हितधारक इस दिशा में काम करने के लिए तैयार दिखाई देते हैं।










