
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिग्गज नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वाजपेयी जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित किया। सीएम योगी ने अटल जी को एक दूरदर्शी नेता बताया जिन्होंने राज्य का संसद में कई बार प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने कहा कि अटल जी ने विकास के नए विजन के साथ राष्ट्र को आगे बढ़ाने का कार्य किया। यह वर्ष विशेष है क्योंकि देश भर में अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी मनाई जा रही है।
इस अवसर पर देश भर में उनकी कविताओं का पाठ, उनके लेखन पर वाद-विवाद और भाषणों का आयोजन किया जा रहा है। ये कार्यक्रम उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
सीएम योगी ने डबल इंजन सरकार द्वारा अटल जी की यादों को जीवित रखने के लिए उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला। जन्म शताब्दी के अवसर पर लखनऊ में एक राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का निर्माण किया गया है।
इस स्थल को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह स्थल अटल जी के विचारों की निरंतरता सुनिश्चित करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री की 101वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। दोपहर करीब दो बजकर तीस मिनट पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी का यह विजन है कि स्वतंत्र भारत के महान व्यक्तित्वों की विरासत को सम्मानित किया जाए।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल भारत के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक को श्रद्धांजलि है। यह स्थल उनके जीवन, आदर्शों और स्थायी विरासत को समर्पित है। अटल जी के नेतृत्व ने राष्ट्र की लोकतांत्रिक और विकास यात्रा पर गहरा प्रभाव छोड़ा है।
इस स्थल को एक लैंडमार्क राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित किया गया है। यह एक प्रेरणादायक परिसर है जिसका राष्ट्रीय महत्व स्थायी है। इस परिसर का निर्माण लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।
यह परिसर 65 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ है। इसे एक स्थायी राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य नेतृत्व मूल्यों, राष्ट्र सेवा और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है।
परिसर में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित हैं। ये प्रतिमाएं भारत के राजनीतिक चिंतन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का प्रतीक हैं।
इसमें एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी है जिसे कमल के आकार में डिजाइन किया गया है। यह संग्रहालय लगभग 98,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है। यह संरचना दर्शकों को आकर्षित करेगी।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन निस्वार्थ नेतृत्व और सुशासन के आदर्शों को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
यह स्थल देशवासियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। अटल जी के विचार यहां सदैव जीवित रहेंगे।










