
बिहार विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। विपक्ष राजधानी में एक नीट उम्मीदवार की संदिग्ध बलात्कार मौत सहित कई मुद्दों पर सत्तारूढ़ दल को घेरने के लिए तैयार है।
विधानसभा के इस लगभग एक महीने लंबे सत्र की प्रमुख कार्यवाही की औपचारिक समयसारिणी संसदीय कार्य विभाग द्वारा जारी कर दी गई है। पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे।
पहले दिन ही राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन में पेश किया जाएगा। तीन फरवरी को राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026 27 का बजट पेश करेगी। राज्य वित्तीय वर्ष 2026 27 के लिए 3.50 लाख करोड़ रुपये या इससे अधिक का बजट पेश करने की संभावना है।
प्रामाणिक सूत्रों ने बताया कि कई विधेयक सत्र में पेश होने वाले हैं। इनमें हाल ही में शुरू की गई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी शामिल है।
इस योजना को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और अजीविका मिशन ग्रामीण या वीबी जी राम जी के नाम से जाना जाता है। विपक्ष ने सत्र से पहले ही सरकार पर जोरदार हमला बोल दिया है।
विपक्षी दलों ने राजधानी पटना में हुई घटना को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की है। उनका आरोप है कि कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
सत्तारूढ़ दल ने भी सत्र की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंत्रिमंडल की हाल की बैठक में सत्र के एजेंडे पर चर्चा हुई थी। सरकार ने विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर देने का संकेत दिया है।
बजट सत्र के दौरान सदन में गर्मागर्म बहस होने की उम्मीद है। विपक्ष ने कई मुद्दों को उठाने का फैसला किया है। सरकार भी अपने पक्ष को रखने के लिए तैयार है।
राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का जिक्र होगा। इसके बाद आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की जाएगी। यह रिपोर्ट राज्य की अर्थव्यवस्था की स्थिति को दर्शाएगी।
बजट पेश होने के बाद सदन में चर्चा शुरू होगी। विधेयकों और प्रस्तावों पर भी बहस होगी। वीबी जी राम जी जैसी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सत्र लगभग एक महीने तक चलेगा। इस दौरान सदन की कार्यवाही में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। राजनीतिक निरीक्षकों का मानना है कि यह सत्र बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगा।
बिहार का यह बजट सत्र राज्य की आर्थिक दिशा तय करेगा। 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बजट में विकास के नए प्रस्ताव शामिल होंगे। सरकार ग्रामीण रोजगार और कल्याण पर विशेष ध्यान दे सकती है।
सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में सभी विधायकों की उपस्थिति रहेगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मीडिया के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
बिहार विधानसभा का यह सत्र नए वित्तीय वर्ष की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं को सदन के माध्यम से जनता तक पहुंचाएगी। विपक्ष की भूमिका भी इस प्रक्रिया में अहम रहेगी।










