
12 March 2026 को पटना के गांधी मैदान में हुई बड़ी Election रैली के दौरान मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने 3 बड़े Policy फैसलों का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 2026 विधानसभा Election में 243 सीटों पर NDA पूरी मजबूती से उतरेगा। इस दौरान उन्होंने 10 लाख युवाओं को अगले 24 महीनों में सरकारी और संविदा नियुक्ति देने का वादा दोहराया। मंच से उन्होंने बताया कि 2025-26 Budget में रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 18,500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह Election विकास बनाम वाद-विवाद का होगा और जनता पिछले 20 वर्षों के काम को देख कर फैसला करेगी।
वहीं RJD नेता Tejashwi Yadav ने 14 March 2026 को दरभंगा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024-25 में घोषित 5 लाख नियुक्तियों में से केवल 2.1 लाख पदों पर ही नियुक्ति पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो पहले कैबिनेट में 4 लाख शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती को मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने 500 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का भी वादा दोहराया। इस बयान के बाद Election माहौल और गरमा गया है और दोनों दल रोजगार और सामाजिक न्याय को मुख्य मुद्दा बना रहे हैं।
BJP प्रदेश अध्यक्ष Samrat Choudhary ने 16 March 2026 को गया में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में सीट शेयरिंग पर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि NDA के भीतर 121 से 125 सीटों पर BJP चुनाव लड़ेगी जबकि शेष सीटें सहयोगी दलों को दी जाएंगी। उन्होंने 8,000 करोड़ रुपये के सड़क और पुल परियोजना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि केंद्र की मदद से 3,200 किलोमीटर ग्रामीण सड़क निर्माण पूरा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 का Election राष्ट्रीय सुरक्षा और राज्य के विकास मॉडल पर होगा। इस बयान से गठबंधन की रणनीति लगभग स्पष्ट मानी जा रही है।
चुनाव आयोग ने 18 March 2026 को जारी अपडेट में बताया कि बिहार में कुल 7.64 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 3.68 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 1.52 करोड़ बताई गई है। आयोग ने यह भी संकेत दिया कि Election अक्टूबर-नवंबर 2026 में तीन चरणों में कराया जा सकता है। EVM और VVPAT की 100 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। इस बार 1.12 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें से 12,500 संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए 650 कंपनी अर्धसैनिक बल तैनात करने की तैयारी की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं और यही आंकड़ा सभी दलों के रणनीतिक केंद्र में है। JDU और BJP संयुक्त रूप से 2020 में 125 सीटें जीत चुके थे, जबकि RJD 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इस बार महागठबंधन सामाजिक समीकरण और युवाओं के मुद्दे को आधार बना रहा है, जबकि NDA विकास और कानून-व्यवस्था को प्रमुख बना रहा है। लगातार रैलियां, रोड शो और घोषणाएं संकेत दे रही हैं कि 2026 का Election बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित होगा।












