
पटना, 12 अगस्त। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्य की मुफ्त बिजली योजना पर चर्चा करने के लिए कई जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस योजना के तहत 125 यूनिट तक बिजली नि:शुल्क दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने इस पहल को आम नागरिकों के जीवन में सुधार लाने वाला “क्रांतिकारी कदम” बताया।
“125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ बिहार के 1.89 करोड़ उपभोक्ताओं को मिल रहा है। यह बिहार के आम लोगों के कल्याण के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। हम सौर ऊर्जा को भी बढ़ावा दे रहे हैं अब यह सभी सरकारी भवनों पर लगाई जा चुकी है और अगर कोई उपभोक्ता इसे घर पर लगाना चाहे तो सरकार मदद करेगी,” सीएम नीतीश ने कहा।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि अन्य राज्यों के विपरीत, जहां सब्सिडी सीमा से एक यूनिट अधिक होने पर पूरे बिल पर चार्ज लगता है, बिहार की नीति में 125 यूनिट से अधिक की खपत पर ही शुल्क लिया जाता है।
“सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार कुल 20,000 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी दे रही है,” उन्होंने कहा।
बिहार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने निवासियों से बिजली का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की।
“अगर आपको मुफ्त में बिजली मिल रही है तो इसका दुरुपयोग न करें,” उन्होंने चेतावनी दी।
राज्य ने जुलाई की सब्सिडी राशि सीधे उपभोक्ताओं के खातों में जमा करना शुरू कर दिया है, जबकि अगस्त में 125 यूनिट से कम खपत पर भी रिचार्ज से छूट दी गई है। जनता को जागरूक करने के लिए बिहार भर में 3,000 स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मंगलवार की बातचीत के दौरान करीब 15 लाख उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री के साथ अपने फीडबैक और अनुभव साझा किए। मुख्य कार्यक्रम पटना के ऊर्जा विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था, जहां सीएम नीतीश, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ऊर्जा मंत्री यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, पटना प्रमंडल के आयुक्त चंद्रशेखर सिंह, पटना डीएम त्यागराजन एसएम और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
सरकार ने बिजली बिलों को फिर से डिजाइन किया है जिसमें अब सीएम नीतीश की तस्वीर छपी होगी। इसे एक तरफ जहां सूचना देने का साधन माना जा रहा है वहीं इसे राजनीतिक छवि निर्माण का उपाय भी बताया जा रहा है।
उपभोक्ताओं से प्राप्त प्रतिक्रिया के अनुसार इस योजना से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को काफी राहत मिली है। वे अब बिना आर्थिक चिंता के बिजली का उपयोग कर पा रहे हैं।