
पांचवीं बार बीजेपी विधायक और मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। यह चुनाव कई लोगों के लिए आश्चर्य की बात रहा। पार्टी के इस महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने वाले वे सबसे कम उम्र के नेता माने जा रहे हैं।
मात्र 45 वर्षीय नबीन बिहार सरकार में सड़क निर्माण और शहरी आवास विकास विभाग के मंत्री हैं। उनकी नियुक्ति पर पटना में पार्टी कार्यालय में जश्न मनाया गया। उन्हें देश भर से बधाई संदेश भी मिल रहे हैं।
नितिन नबीन ने इस नियुक्ति का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि यह पद पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल है। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व का भी आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, मैं केंद्रीय नेतृत्व, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और केंद्रीय नेतृत्व में सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मुझे यह अवसर देने के लिए धन्यवाद। प्रधानमंत्री का आशीर्वाद मेरे साथ है।
नबीन ने आगे कहा कि वह प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने सबका साथ सबका विकास के दृष्टिकोण का जिक्र किया। उनका कहना था कि वह वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देशों पर चलते हुए पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे।
नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को पटना में हुआ था। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर भारतीय जनता युवा मोर्चा से शुरू किया। वह बीजेपी की युवा शाखा से जुड़े रहे हैं।
वह बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार राज्य अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने युवाओं को संगठन से जोड़ने का काम किया। उनकी पहचान एक कुशल युवा नेता के रूप में बनी।
नबीन ने चुनावी राजनीति में कदम 2006 में रखा। यह कदम उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद उठाया गया। उनके पिता का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।
नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा एक वरिष्ठ बीजेपी नेता थे। वह पटना पश्चिम से विधायक रहे। उन्होंने 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया था।
पिता की विरासत को संभालते हुए नितिन नबीन ने राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वह लगातार पांच बार बीजेपी विधायक चुने गए। उनकी राजनीतिक समझ और कार्यशैली ने उन्हें यह मुकाम दिलाया।
बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नबीन की भूमिका अहम होगी। पार्टी के भीतर यह नियुक्ति एक नई पीढ़ी के नेतृत्व का संकेत देती है। यह बदलाव देश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
नितिन नबीन ने कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे। उनका लक्ष्य संगठन को और मजबूत बनाना है। वह पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों को आगे बढ़ाएंगे।
उनकी नियुक्ति से बिहार की राजनीति में भी नए बदलाव की उम्मीद की जा रही है। एक बिहारी नेता का राष्ट्रीय स्तर पर यह उभार महत्वपूर्ण है। यह राज्य की राजनीति के लिए एक नया अध्याय ला सकता है।
नबीन की शैली को शांत और कम बोलने वाला माना जाता है। वह चुपचाप काम करने और स्मार्ट तरीके से परिणाम देने में विश्वास रखते हैं। यही गुण उन्हें पार्टी में विशेष स्थान दिलाते हैं।
बीजेपी के इस फैसले को राजनीतिक विश्लेषक एक सोची समझी रणनीति मान रहे हैं। यह नियुक्ति पार्टी में युवा रक्त के संचार का प्रतीक है। नबीन का कार्यकाल पार्टी के भविष्य की दिशा तय करेगा।










