Jasprit Bumrah Shines in Perth
भारतीय क्रिकेट में बड़ा विवाद सामने आया है जहां Jasprit Bumrah को A+ कैटेगरी से हटाए जाने के बाद करीब ₹2 करोड़ का अंतर पैदा हो गया है। पहले BCCI के contract सिस्टम में A+ खिलाड़ियों को ₹7 करोड़ मिलते थे, जबकि Grade A में यह रकम ₹5 करोड़ होती है। ऐसे में Bumrah जैसे लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को सीधे नुकसान होने की स्थिति बन गई है। अब यह मामला इतना बढ़ गया है कि BCCI को अपने contract structure पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।
दरअसल BCCI ने हाल ही में A+ कैटेगरी को हटा दिया, यह कहते हुए कि इस समय पर्याप्त खिलाड़ी उस स्तर को पूरा नहीं कर रहे हैं। पहले यह कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए थी जो तीनों फॉर्मेट में टीम का अहम हिस्सा हों और किसी एक फॉर्मेट में top 10 ranking में हों। Rohit Sharma और Virat Kohli के दो फॉर्मेट से हटने और Ravindra Jadeja के T20 से बाहर होने के बाद Bumrah अकेले ऐसे खिलाड़ी बचे थे जो इस मानदंड को पूरा करते थे। इसके बावजूद उन्हें सीधे Grade A में डाल दिया गया, जिससे Bumrah को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ।
तकनीकी तौर पर देखें तो BCCI ने इस साल contract राशि का आधिकारिक ऐलान भी नहीं किया है, जिससे खिलाड़ियों में असमंजस बना हुआ है। जानकारी के अनुसार खिलाड़ी भी अभी तक अपने contract की सही रकम से अवगत नहीं हैं। Bumrah के मामले में यह स्थिति और ज्यादा संवेदनशील हो गई है क्योंकि वह लगातार तीनों फॉर्मेट में टीम के प्रमुख गेंदबाज रहे हैं। ऐसे में जानकारों का मानना है कि BCCI को या तो नई कैटेगरी बनानी होगी या फिर Grade A की रकम बढ़ानी पड़ सकती है ताकि Bumrah जैसे खिलाड़ियों के साथ न्याय हो सके।
वहीं इस पूरे मामले का असर अन्य खिलाड़ियों पर भी पड़ा है। Axar Patel, जो 2024-25 सीजन में T20 और ODI टीम के अहम खिलाड़ी रहे, उन्हें Grade C में रखा गया है, जिसकी कीमत पहले ₹1 करोड़ थी। इसी तरह KL Rahul, Mohammed Siraj, Hardik Pandya और Rishabh Pant जैसे खिलाड़ियों को भी Grade A से घटाकर Grade B में डाल दिया गया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या performance के बावजूद खिलाड़ियों को सही मूल्यांकन मिल रहा है या नहीं।
इसी बीच क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेज हो गई है कि BCCI अपने contract criteria में बदलाव कर सकता है। पहले तय नियमों के अनुसार Grade A के लिए खिलाड़ी को कम से कम दो शर्तें पूरी करनी होती थीं, जैसे multi-format खेलना या world ranking में ऊपर होना। लेकिन अब कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो इन शर्तों को पूरा करते हैं, फिर भी उन्हें नीचे की कैटेगरी में रखा गया है। ऐसे में board के सामने चुनौती है कि वह performance और consistency के बीच संतुलन कैसे बनाए।
अब सवाल यह है कि BCCI इस स्थिति को कैसे संभालेगा। Bumrah जैसे खिलाड़ियों का महत्व टीम के लिए बेहद ज्यादा है और उनके साथ आर्थिक असमानता लंबे समय तक नहीं चल सकती। यदि contract structure में बदलाव होता है तो यह सिर्फ Bumrah ही नहीं बल्कि कई अन्य खिलाड़ियों के लिए भी राहत लेकर आ सकता है। आने वाले दिनों में BCCI की अगली घोषणा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यही तय करेगा कि भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की वैल्यू कैसे निर्धारित होगी।










