
कांग्रेस पार्टी के ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ को इस सप्ताह बिहार में विपक्ष की एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिलेगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोझी करुणानिधि 27 अगस्त को राहुल गांधी के इस अभियान में शामिल होंगे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यह यात्रा 17 अगस्त को बिहार के पूर्णिया जिले से शुरू की थी। इस पहल को राज्य की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में अनियमितताओं और मतदाता हेरफेर के प्रयासों के खिलाफ एक जन आंदोलन के रूप में शुरू किया गया है।
गांधी ने इसे जनसंघर्ष का रूप देते हुए व्यापक जनभागीदारी को जुटाने और मतदाताओं के एक वर्ग को अयोग्य ठहराने की प्रणालीगत कोशिशों के खिलाफ लड़ाई का आह्वान किया है।
यात्रा शुरू होने के बाद से लगातार गति पकड़ रही है। गांधी, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव के साथ बिहार के कई जिलों का दौरा कर चुके हैं।
दोनों नेताओं ने सार्वजनिक सभाएं की हैं, विभिन्न पृष्ठभूमि के नागरिकों से संवाद किया है और समर्थन जुटाने के लिए रैलियों का नेतृत्व किया है।
पूर्णिया में गांधी और यादव की दोपहिया रैली इस अभियान में जमीनी स्तर पर जुटान और युवाओं की भागीदारी का प्रतीक बन गई।
यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना में एक विशाल जनसभा के साथ होगा, जिसमें राहुल गांधी भाषण देंगे। इस अंतिम कार्यक्रम में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं की एकजुटता देखने को मिलेगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री स्टालिन और डीएमके की कनिमोझी 27 अगस्त को इस अभियान में शामिल होंगी, जो दक्षिणी पार्टी की कांग्रेस और उसके बिहार के सहयोगियों के साथ एकजुटता को दिखाएगा।
राष्ट्रीय चुनाव नजदीक आते हुए कांग्रेस नेता खुद को लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी निष्पक्षता के रक्षक के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं। डीएमК जैसे क्षेत्रीय सहयोगियों को इस यात्रा में शामिल करके इसे सिर्फ राज्य स्तर का विरोध नहीं बल्कि भारत के चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को सुरक्षित रखने का बड़ा आंदोलन बनाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस ने बिहार में भाजपा के खिलाफ मतदान चोरी अभियान छेड़ रखा है और आरोप लगाया है कि पार्टी ने अपनी जीत ‘मैनेज’ की है। राहुल गांधी ने भारतीय चुनाव आयोग पर भाजपा से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए हमले किए हैं।