Commercial LPG Crisis
भारत में इन दिनों Commercial LPG संकट तेजी से गहराता जा रहा है और इसका सीधा असर होटल और Restaurant उद्योग पर दिखाई दे रहा है। मार्च 2026 में 19 किलो का Commercial LPG Cylinder कई शहरों में करीब ₹1883 तक पहुंच गया है, जबकि कुछ जगहों पर इसकी उपलब्धता ही बड़ी समस्या बन गई है। ऐसे हालात में commercial-lpg-crisis के कारण कई Restaurant और छोटे होटल या तो अपना मेन्यू कम कर रहे हैं या फिर खाने की कीमत बढ़ाने को मजबूर हैं। कई शहरों में इडली, डोसा और बिरयानी जैसे सामान्य भोजन की कीमत 30% से 40% तक बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। छोटे ढाबे और Street Food विक्रेता इस commercial-lpg-crisis से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि उनका पूरा व्यवसाय इसी गैस पर निर्भर रहता है।
दरअसल Commercial LPG की आपूर्ति में कमी के पीछे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में पैदा हुआ तनाव बड़ा कारण माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के कारण LPG आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है और इसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों में दिखाई दे रहा है। ऐसे में commercial-lpg-crisis की वजह से कई शहरों में Gas Distributor समय पर Cylinder नहीं दे पा रहे हैं। होटल उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि कई Restaurant के पास सिर्फ 1 से 2 दिन का गैस स्टॉक बचा है। इसी वजह से कई जगहों पर Restaurant ने अपने किचन के कामकाज के घंटे भी कम कर दिए हैं।
इसी बीच बाजार में Black Market भी तेजी से बढ़ने लगी है। सामान्य तौर पर ₹1800 से ₹2100 के आसपास मिलने वाला Commercial Cylinder कई शहरों में ₹3500 से ₹4000 तक बेचा जा रहा है। यह स्थिति commercial-lpg-crisis को और गंभीर बना रही है। होटल मालिकों का कहना है कि इतनी महंगी गैस खरीदकर खाना बनाना आर्थिक रूप से मुश्किल हो रहा है। कई Restaurant ने Deep Fry जैसे Gas ज्यादा इस्तेमाल करने वाले व्यंजन अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। कुछ Kitchen Electric Induction या Air Fryer जैसे विकल्पों का उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर खाना बनाने में यह विकल्प पर्याप्त नहीं माने जा रहे।
इस संकट का असर केवल Restaurant उद्योग तक सीमित नहीं है बल्कि इससे हजारों कर्मचारियों की नौकरी भी प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। भारत में लाखों लोग होटल और Restaurant सेक्टर में काम करते हैं और commercial-lpg-crisis के कारण कई छोटे Restaurant को संचालन घटाना पड़ रहा है। कुछ शहरों में Restaurant मालिकों ने कर्मचारियों की शिफ्ट कम कर दी है ताकि लागत नियंत्रित की जा सके। वहीं ग्राहकों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है क्योंकि भोजन की कीमत लगातार बढ़ रही है। कई शहरों में आम नाश्ते की कीमत ₹30 से बढ़कर ₹40 तक पहुंच गई है।
जानकारों के अनुसार अगर commercial-lpg-crisis लंबे समय तक जारी रहा तो होटल उद्योग को गंभीर नुकसान हो सकता है। कई Restaurant मालिकों ने चेतावनी दी है कि अगर Gas आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कुछ Kitchen अस्थायी रूप से बंद भी हो सकते हैं। बड़े होटल जिनके पास Piped Gas या वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था है वे इस स्थिति से कुछ हद तक निपट पा रहे हैं, लेकिन छोटे Restaurant और ढाबों के लिए यह संकट ज्यादा गंभीर है।
अब सवाल यह है कि आगे स्थिति किस दिशा में जाएगी। सरकार और ऊर्जा कंपनियां आपूर्ति को सामान्य करने के प्रयास कर रही हैं, लेकिन Global ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण commercial-lpg-crisis जल्द खत्म होगा या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। होटल उद्योग से जुड़े संगठनों ने मांग की है कि Commercial LPG की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर बहाल की जाए ताकि Restaurant उद्योग और लाखों कर्मचारियों की आजीविका पर पड़ने वाले असर को रोका जा सके। फिलहाल देश के कई शहरों में होटल और Restaurant इस commercial-lpg-crisis के बीच अपने कारोबार को किसी तरह संभालने की कोशिश कर रहे हैं।









