
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने केंद्रीय बजट में घोषित तीन हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सराहना की है। उनका मानना है कि ये परियोजनाएं तेलंगाना की आर्थिक वृद्धि को नई ऊर्जा देंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए किशन रेड्डी ने कहा कि पूरे भारत में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इन्हें विकास कनेक्टर के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री का तेलंगाना की जनता की ओर से आभार जताया। हैदराबाद-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु और हैदराबाद-चेन्नई कॉरिडोर की घोषणा से हैदराबाद देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के केंद्र में आ गया है।
किशन रेड्डी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ये कॉरिडोर तेज यात्रा, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति देंगे। इससे तेलंगाना की आर्थिक वृद्धि को त्वरण मिलेगा और विकसित भारत के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दिखेगी।
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने हैदराबाद मेट्रो रेल के विस्तार के लिए आवंटन न होने की आलोचना को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेट्रो रेल के लिए अलग से बजट आवंटन होगा।
उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल के लिए धनराशि कैबिनेट की मंजूरी के बाद जारी की जाएगी। यदि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है तो शहरी विकास मंत्रालय धन जारी करेगा।
किशन रेड्डी ने दावा किया कि तेलंगाना को बजट में घोषित कई पहलों से लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ने से तेलंगाना के किसानों को फायदा होगा।
केंद्र सरकार ने एक ऐसी योजना की भी घोषणा की है जिससे तेलंगाना के काकतीय टेक्सटाइल पार्क को लाभ मिलेगा। इससे राज्य के कपड़ा क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भाजपा नेता ने कहा कि तेलंगाना को 33 छात्रावास मिलेंगे क्योंकि केंद्र ने हर जिले के लिए एक छात्रावास की घोषणा की है। उनका मानना है कि डेटा सेंटर के लिए टैक्स छुट्टी से भी तेलंगाना को फायदा होगा।
विदेश में शिक्षा पर ब्याज दर घटने से तेलुगु छात्रों को लाभ मिलेगा। यह दर पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत कर दी गई है।
किशन रेड्डी ने दावा किया कि केंद्रीय बजट ने सहकारी संघवाद की भावना को और मजबूत किया है। वर्ष 2026-27 के लिए 15.2 लाख करोड़ रुपये की विभाज्य कर पूल में 41 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि तेलंगाना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में हस्तांतरण 33,180.78 करोड़ रुपये होगा। यह पिछले वर्ष के 29,280.24 करोड़ रुपये की तुलना में 13.5 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है।
यह बजट तेलंगाना के लिए कई तरह के अवसर लेकर आया है। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से राज्य की कनेक्टिविटी बढ़ेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर ध्यान देने से राज्य के समग्र विकास में मदद मिलेगी। ये पहलें तेलंगाना की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं।
सरकार का लक्ष्य सतत और समावेशी विकास के जरिए विकसित भारत का निर्माण करना है। तेलंगाना इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी प्रगति को नई गति दे सकता है।










