
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्घेरिटा ने फिजी के वित्त, वाणिज्य और व्यापार विकास मंत्री एसरोम इमैनुएल से नई दिल्ली में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और साझी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। इस बैठक में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
मार्घेरिटा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस मुलाकात को उत्पादक बताया। उन्होंने कहा कि विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। चल रहे सहयोग और आगे की राह पर भी विचारों का आदान प्र्रदान हुआ।
इससे पहले दो फरवरी को भारत के फिजी में उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने फिजी संसद के अध्यक्ष फिलिमोने जितोको से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर बातचीत की।
फिजी में भारतीय उच्चायोग ने भी इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह चर्चा मजबूत संसदीय संबंधों की पुष्टि करती है। द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के नए रास्ते तलाशे गए।
इसी कड़ी में 27 जनवरी को सुनीत मेहता ने एक प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में भारत द्वारा समर्थित टुबालेवू ग्राउंड वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई।
फिजी सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया। इस परियोजना पर जमीनी काम शुरू हो चुका है। इससे टुबालेवू के निवासियों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और भारत फिजी संबंध मजबूत होंगे।
19 जनवरी को भी सुनीत मेहता ने एसरोम इमैनुएल से शिष्टाचार भेंट की थी। उस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया था। आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई थी।
भारत और फिजी के बीच संबंध आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संबंध भी हैं।
नवंबर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिजी यात्रा ने इन संबंधों को नई गति दी। उस दौरान फोरम फॉर इंडिया पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन की पहली बैठक भी आयोजित की गई थी।
फिजी में भारतीय उच्चायोग के अनुसार इस यात्रा ने रिश्तों को नया आयाम दिया। पिछले कई वर्षों से भारत ने फिजी के राष्ट्र निर्माण प्रयासों में सहयोग दिया है।
भारत ने फिजी को प्रमुख क्षेत्रों में सहायता प्रदान की है। क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भी भारत का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अब दोनों देशों के बीच सहयोग का एक नया और महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा है। इस पर हाल की चर्चाओं से साफ संकेत मिलते हैं।
दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय वार्ता जारी है। यह द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को दर्शाता है। साझा प्राथमिकताओं पर काम करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट नजर आती है।
टुबालेवू जल आपूर्ति जैसी परियोजनाएं भारत फिजी साझेदारी का मूर्त उदाहरण हैं। यह सहयोग आने वाले समय में और विस्तार पा सकता है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इससे दोनों देशों के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।










