
भारत के लिए खेल सामान सेक्टर में बड़ा आर्थिक अवसर सामने आया है, जहां NITI Aayog की नई रिपोर्ट के अनुसार देश 8.1 अरब डॉलर तक का निर्यात हासिल कर सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर सही रणनीति अपनाई जाए तो 2036 तक करीब 5.4 मिलियन नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। मौजूदा समय में भारत का निर्यात इस क्षेत्र में काफी कम है, लेकिन संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में निर्यात को बढ़ाने पर फोकस करना बेहद अहम माना जा रहा है।
दरअसल, रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक खेल सामान बाजार का आकार अभी करीब 140 अरब डॉलर है, जो 2036 तक बढ़कर 283 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस तेजी से बढ़ते Market में भारत की हिस्सेदारी फिलहाल सिर्फ 0.5 प्रतिशत है, जो निर्यात के लिहाज से काफी कम है। 2024 में भारत ने करीब 275 मिलियन डॉलर का निर्यात किया था, जो दर्शाता है कि अभी भी इस सेक्टर में बड़े स्तर पर विस्तार की जरूरत है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि फिटनेस और जिम उपकरण का इस Market में 33 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि बॉल गेम जैसे फुटबॉल और क्रिकेट से जुड़े उपकरण करीब 32 प्रतिशत योगदान देते हैं। इसके अलावा एथलेटिक ट्रेनिंग गियर और रैकेट आधारित खेल भी निर्यात में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में निर्यात बढ़ाने के लिए इन श्रेणियों में Manufacturing और Technology अपग्रेड करना जरूरी माना जा रहा है।
वहीं इस क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने से MSME सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है। जानकारों के अनुसार, छोटे और मध्यम उद्योगों को अगर सही Policy और Financial Support मिले, तो वे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए Brand Building और Global Partnership पर भी जोर दिया गया है।
इसी बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत को अपनी Supply Chain मजबूत करनी होगी और लागत से जुड़े मुद्दों को कम करना होगा। Global Brands के साथ साझेदारी और Quality Standards को बेहतर बनाना भी जरूरी है। ऐसे में निर्यात को बढ़ाने के लिए सरकार, उद्योग और खेल संगठनों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई गई है।
ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या भारत इस अवसर का पूरा लाभ उठा पाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सुझाए गए कदमों को समय पर लागू किया गया, तो भारत खेल सामान के निर्यात में एक बड़ा खिलाड़ी बन सकता है। फिलहाल यह रिपोर्ट एक स्पष्ट रोडमैप देती है, जिससे निर्यात बढ़ाने और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।











