indian-rupee all time low
मिडिल ईस्ट में जारी Iran War का असर अब सीधे भारत की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। सोमवार को Indian Rupee गिरकर लगभग ₹92.47 प्रति Dollar के स्तर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे बड़ा All Time Low माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से indian-rupee लगातार दबाव में था, लेकिन Iran War के चलते Global Oil Market में अचानक उछाल आने से स्थिति और गंभीर हो गई। Brent Crude Oil की कीमत $100 प्रति बैरल के ऊपर चली गई है, जिससे भारत जैसे बड़े Oil Import देश पर सीधा दबाव पड़ा है। ऐसे में विदेशी मुद्रा बाजार में Dollar की मांग तेजी से बढ़ी और indian-rupee कमजोर होता गया।
दरअसल India अपनी कुल ऊर्जा जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसका बड़ा भाग मिडिल ईस्ट से आता है। Iran War के कारण Hormuz Strait जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में तनाव बढ़ गया है, जिससे Global Oil Supply को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। यही वजह है कि Oil Import बिल बढ़ने की आशंका से Dollar की मांग तेज हुई और indian-rupee पर दबाव बना। पिछले सप्ताह indian-rupee ने पहली बार 92 के स्तर को पार किया था और अब यह 92.47 के करीब पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Iran War लंबा खिंचता है तो indian-rupee पर और दबाव आ सकता है।
इसी बीच विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी भारतीय मुद्रा पर असर डाल रही हैं। मार्च 2026 के दौरान Foreign Portfolio Investors ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला है। विदेशी निवेशकों द्वारा अरबों डॉलर की निकासी के कारण Dollar की मांग बढ़ी और indian-rupee कमजोर हुआ। वहीं Global Market में सुरक्षित निवेश के रूप में Dollar की मांग बढ़ने से भी indian-rupee पर दबाव बना हुआ है। ऐसे हालात में Reserve Bank of India समय-समय पर Dollar बेचकर बाजार में संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि indian-rupee की गिरावट को सीमित किया जा सके।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि Oil Price में तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। भारत दुनिया के सबसे बड़े Oil Import देशों में शामिल है और Oil Price बढ़ने से चालू खाता घाटा बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में Indian Rupee पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक माना जाता है। अगर Iran War के कारण Oil Price लगातार ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो आने वाले महीनों में indian-rupee और कमजोर हो सकता है। कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर वैश्विक तनाव कम नहीं हुआ तो indian-rupee 95 प्रति Dollar के स्तर तक भी जा सकता है।
वहीं इस स्थिति का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है। बढ़ती अनिश्चितता और विदेशी निवेश की निकासी के कारण Market में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। कई सेक्टर विशेष रूप से Energy, Auto और Petrochemical कंपनियों पर इसका असर पड़ सकता है क्योंकि इनका लागत ढांचा Oil Price से सीधे जुड़ा होता है। ऐसे में निवेशकों के बीच सावधानी का माहौल बना हुआ है और कई लोग Global घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। indian-rupee की कमजोरी का असर Import Cost, Fuel Price और Inflation पर भी पड़ सकता है।
अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा। अगर Iran War जल्द खत्म होता है और Global Oil Supply सामान्य होती है तो indian-rupee में कुछ स्थिरता आ सकती है। लेकिन यदि तनाव लंबा चलता है तो भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका दबाव और बढ़ सकता है। फिलहाल सरकार और Reserve Bank of India दोनों ही स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले हफ्तों में Global Oil Price, Foreign Investment और Geopolitical स्थिति यह तय करेगी कि indian-rupee आगे किस दिशा में जाएगा।









