
जम्मू कश्मीर के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने मंगलवार को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने खेल संबंधों को दोनों देशों के बीच चल रहे राजनयिक और सैन्य तनाव से जोड़कर देखा।
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने उस देश के खिलाफ खेलने के तर्क पर सवाल उठाया। उन्होंने भारत के खिलाफ हिंसा का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमें उनके साथ नहीं खेलना चाहिए।
मंत्री ने अपने तर्क के हिस्से के रूप में कश्मीर और जम्मू में जान गंवाने वालों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वे हमारे सैनिकों को शहीद कर रहे हैं। इतने कश्मीरी और जम्मू के लोग शहीद हुए हैं।
शर्मा ने सिद्धांतों पर आधारित प्रतिरोध के दर्शन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम प्यार के लोग हैं और हम जानते हैं कि नफरत हमेशा प्यार से ही हारती है। लेकिन फिर भी यह संबंध गलत है।
घरेलू राजनीतिक मोर्चे पर शर्मा ने विपक्ष के नेता से लिखित माफी मांगी। उन्होंने राज्य का दर्जा हासिल करने की लड़ाई में शामिल होने का भी आमंत्रण दिया।
मंत्री ने कहा कि वह इस लड़ाई के लिए अपनी जान देने को तैयार हैं। उन्होंने कुछ भाजपा मंत्रियों की राजनीतिक मुद्दों पर यू टर्न लेने की आलोचना भी की।
सतीश शर्मा ने दृढ़ता से कहा कि वह इस मामले में अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर जान भी चली गई तो भी वह इस युद्ध में पलटी नहीं मारेंगे।
उनका यह बयान भारत और पाकिस्तान के बीच निर्धारित क्रिकेट मैच से पहले आया है। यह बयान द्विपक्षीय संबंधों में खेलों की भूमिका पर बहस छेड़ देता है।
मंत्री के इस आह्वान ने एक बार फिर उस जटिल समीकरण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह समीकरण खेल राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच का है।
उनके तर्क का केंद्र बिंदु यह है कि जब तनाव का माहौल है तो खेल संबंध जारी रखना उचित नहीं है। यह मांग अतीत में भी कई बार उठ चुकी है।
हालांकि क्रिकेट के प्रशंसक अक्सर इस खेल को दोनों देशों के बीच एक पुल के रूप में देखते हैं। लेकिन शर्मा का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में यह पुल टूट जाना चाहिए।
यह मुद्दा केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है। यह व्यापक राजनयिक और सुरक्षा चिंताओं से जुड़ा हुआ है। मंत्री ने इन्हीं चिंताओं को अपने बयान का आधार बनाया है।
उनका यह रुख दर्शाता है कि कुछ नेता खेल और राजनीति को अलग नहीं मानते। वे इन्हें राष्ट्रीय हितों से जोड़कर देखते हैं।
सतीश शर्मा का यह बयान आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बना रहेगा। खासकर तब जब भारत और पाकिस्तान के बीच कोई क्रिकेट मैच निर्धारित हो।










