
पटना। RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव एक बार फिर पार्टी के चुनावी अभियान की कमान संभालते नज़र आ रहे हैं। 70 साल की उम्र में भी उनका जोश कम नहीं हुआ है। शुक्रवार को पटना से आरा (भोजपुर) के दौरे के दौरान उन्होंने किन्नरों के नृत्य का आनंद लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले। उनके अनोखे अंदाज़ ने RJD समर्थकों में नई ऊर्जा भर दी है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक लालू प्रसाद सीधे तौर पर चुनाव रणनीति, संदेशों के संयोजन और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक समूहों तक पहुंच बनाने में जुटे हुए हैं। इससे अभियान को नई दिशा मिली है और सीटों के बंटवारे तथा उम्मीदवारों के चयन से पहले कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है।
लालू प्रसाद खुद विधानसभा क्षेत्रों से मिलने वाली प्रतिक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं। वे स्थानीय गठबंधनों को रोजगार, मुद्रास्फीति, कल्याणकारी योजनाओं और मतदाता सूची में अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर केंद्रित पार्टी के एजेंडे के साथ जोड़ रहे हैं।
उनकी बैठकों में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, मतदान बढ़ाने की योजनाओं और जिला इकाइयों व केंद्रीय वॉर रूम के बीच समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। लालू ने आगामी चुनावों में सत्तारूढ़ NDA का मुकाबला करने की अपनी योजनाओं के बारे में भी संकेत दिए।
यह दिलचस्प है कि लालू प्रसाद का नेतृत्व और उनका लोकप्रिय जनसंपर्क RJD के लिए एक बड़ा रणनीतिक फायदा साबित हो सकता है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘वे शारीरिक तौर पर कमजोर हो सकते हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक समझ आज भी पार्टी के लिए अमूल्य है।’
कई युवा कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि लालू प्रसाद का अनुभव और उनकी रणनीतिक सोच RJD को बिहार की सियासत में फिर से मजबूती से स्थापित करेगी। वहीं, पार्टी के भीतर भी यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में चुनावी अभियान और तेज होगा।