
मुंबई। जान बचाने की मुहिम में महाराष्ट्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में 3 से 15 अगस्त तक Organ donation पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान ब्रेन डेड रिश्तेदारों के अंग दान करने वाले परिवारों और अंग प्रत्यारोपण से नया जीवन पाने वाले लोगों को 15 अगस्त को जिला संरक्षण मंत्रियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
अभियान का मकसद Organ donation को जनआंदोलन बनाना और इसके बारे में जागरूकता फैलाना है। मुंबई में हुई राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबितकर ने अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियों और डर को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे मरीजों को नया जीवन मिलना चाहिए। यह अभियान राज्य के हर कोने तक पहुंचे और लोगों को प्रेरित करे।”
राज्य स्वास्थ्य मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डिकर ने भी जागरूकता बढ़ाने की अहमियत रेखांकित की। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभागों के संयुक्त प्रयासों से हम अधिक मरीजों को इसका लाभ दिलाना चाहते हैं।”
पखवाड़े के दौरान क्षेत्रीय ट्रांसप्लांट समन्वय समितियों के माध्यम से विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान में दानदाता परिवारों के साहस और उदारता को भी सराहा जाएगा और अंग प्राप्तकर्ताओं को मिली नई उम्मीद का जश्न मनाया जाएगा।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की आयुक्त डॉ. कादंबरी बालकवाडे, केईएम अस्पताल के डॉ. आकाश शुक्ला, अस्पतालों की संयुक्त निदेशक डॉ. सुनीता गोल्हाट, उप निदेशक डॉ. कैलास बाविसकर और क्षेत्रीय ट्रांसप्लांट समितियों के अधिकारियों ने भाग लिया।
मंत्री आबितकर ने अभियान की नियमित निगरानी की अपील की और सभी हितधारकों से महाराष्ट्र को Organ donation में अग्रणी राज्य बनाने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।