
केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता और बिहार के मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। एक एक्स पोस्ट में जयशंकर ने नबीन की विनम्रता, ऊर्जावान व्यक्तित्व और जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति भाजपा के प्रतिभाशाली और मेहनती युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जयशंकर ने अपने संदेश में लिखा, ‘भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर श्री नितिन नबीन जी को हार्दिक बधाई। नितिन जी की विनम्रता, ऊर्जावान व्यक्तित्व और जनसेवा का समर्पण उन्हें एक प्रेरणादायक नेता बनाता है। उनकी यह नई जिम्मेदारी भाजपा के समर्पित और मेहनती युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।’
नितिन नबीन के इस पद पर नियुक्त होने के साथ ही वह भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बन गए हैं। यह स्थिति अन्य राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों के नेतृत्व से एकदम अलग है, जहां अधिकतर पार्टियों का नेतृत्व वरिष्ठ नेताओं के हाथों में केंद्रित है।
उदाहरण के लिए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 83 वर्ष के हैं। एनसीपी एसपी के नेता शरद पवार 85 वर्ष के हैं। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी 70 वर्ष की हैं। बसपा की अध्यक्ष मायावती 69 वर्ष की हैं और डीएमके अध्यक्ष तथा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन 72 वर्ष के हैं।
नितिन नबीन की इस नियुक्ति को भाजपा की संसदीय बोर्ड ने मंजूरी दी है। वह केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा का स्थान लेंगे, जो जनवरी 2020 से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे।
नितिन नबीन बिहार से पांच बार विधायक रह चुके हैं। वह वर्तमान में राज्य के सड़क निर्माण मंत्री के पद पर हैं। इससे पहले उन्होंने शहरी विकास और आवास तथा विधि विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है।
वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र नितिन नबीन के पास प्रशासनिक अनुभव के साथ साथ पार्टी के भीतर एक लंबा संगठनात्मक करियर भी है।
वह भारतीय जनता युवा मोर्चा से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2008 में राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य और सह प्रभारी के रूप में कार्य किया।
सन 2010 से 2013 के बीच वह भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव रहे। इसके बाद 2016 से 2019 तक उन्होंने इस युवा शाखा के बिहार राज्य अध्यक्ष का पदभार संभाला।
उन्होंने बिहार के बाहर भी कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियों को निभाया है। इनमें सिक्किम के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी और संगठन प्रभारी के रूप में उनकी भूमिका शामिल है।
नितिन नबीन का यह नया पद भाजपा के भीतर युवा नेतृत्व को मिलने वाली बढ़ती मान्यता का एक और उदाहरण है। पार्टी लगातार नए और युवा चेहरों को महत्वपूर्ण भूमिकाएं सौंप रही है।
यह रणनीति पार्टी को एक गतिशील और आधुनिक छवि प्रदान करने में मदद करती है। साथ ही यह देश के युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित भी करती है।
नबीन का राजनीतिक सफर एक युवा कार्यकर्ता से शुरू होकर राष्ट्रीय पद तक पहुंचा है। उनकी इस यात्रा में संगठनात्मक कौशल और प्रशासनिक अनुभव दोनों का समन्वय देखने को मिलता है।
भाजपा के लिए यह एक महत्वपूर्ण संक्रमण का समय है। एक नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन की भूमिका पार्टी की भविष्य की दिशा को प्रभावित कर सकती है।
उनकी नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि पार्टी युवा ऊर्जा और अनुभव के मेल को प्राथमिकता दे रही है। आने वाले समय में देखना दिलचस्प होगा कि नबीन इस नई जिम्मेदारी में कैसा प्रदर्शन करते हैं।










