
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को INDIA गठबंधन के सांसदों के लिए एक डिनर का आयोजन किया, जिसमें शरद पवार, सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। यह डिनर बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन संशोधन (SIR) और चुनावी धांधली के आरोपों के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है।
सपा के अखिलेश यादव, डिंपल यादव और जया बच्चन, डीएमके के के कनिमोझी और टीआर बालू, आरजेडी की मीसा भारती, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत और प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसदों ने ताज पैलेस होटल में इस डिनर में शामिल हुए।
हालांकि AAP इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है, लेकिन उसके नेता संजय सिंह और संदीप पाठक भी इस डिनर में शामिल हुए।
यह डिनर उसी हफ्ते आयोजित किया गया जब INDIA गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने राहुल गांधी के निवास पर एक बैठक की थी। उस बैठक में उन्होंने बिहार में SIR और भाजपा व चुनाव आयोग के ‘वोट चोरी मॉडल’ के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया था।
यह बैठक जून 2024 में लोकसभा चुनाव के बाद खरगे के निवास पर हुई पिछली मुलाकात के बाद पहली शारीरिक बैठक थी। उस बैठक में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के जरिए भाजपा द्वारा की जा रही ‘वोट चोरी’ पर एक प्रेजेंटेशन दिया था।
इससे पहले सोमवार को विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक एक विरोध प्रदर्शन निकाला। राहुल गांधी, खरगे और पवार के नेतृत्व में यह प्रदर्शन बिहार में मतदाता सूची संशोधन और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ था। हालांकि पुलिस ने विपक्षी नेताओं को रोक दिया और कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया।
विपक्षी सांसदों ने ‘SIR’ और ‘वोट चोरी’ लिखी सफेद टोपियाँ पहन रखी थीं और वे प्लेकार्ड लेकर संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे थे। पीटीआई भवन के बाहर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।
यह घटना दिखाती है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर कितना गंभीर है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जिससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है।
विपक्षी दलों का यह प्रयास देश में चुनावी सुधारों पर बहस छेड़ने के लिए भी महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदाता सूची में हो रहे बदलावों पर सख्त निगरानी होनी चाहिए।