
नई दिल्ली। बुधवार को संसद के दोनों सदनों में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा जारी रहेगी। कार्यसूची के अनुसार, लोकसभा में भाजपा सांसद अनुराग शर्मा और जेकेएनसी सांसद मियां अल्ताफ अहमद परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर स्थायी समिति की रिपोर्ट पेश करेंगे।
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी एक महत्वपूर्ण बयान देंगे। यह बयान ऊर्जा पर स्थायी समिति की दसवीं रिपोर्ट में शामिल सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति से संबंधित है।
यह रिपोर्ट देश में सोलर पावर परियोजनाओं के प्रदर्शन मूल्यांकन पर केंद्रित है। इसका सीधा संबंध नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से है।
टीडीपी सांसद चंद्र शेखर पेम्मासनी भी एक बयान देंगे। यह बयान महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड द्वारा जारी सॉवरेन गारंटी बॉन्ड पर ब्याज के भुगतान के लिए भारत के आकस्मिक निधि से अग्रिम निकासी के संबंध में होगा।
राज्यसभा में जेडीयू सांसद संजय कुमार झा और केसरीदेवसिंह झाला भी परिवहन, पर्यटन और संस्कृति विभाग से संबंधित संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट पेश करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। यह एक बड़ी राजनीतिक घटना हो सकती है।
भाजपा सांसद एसपी सिंह बघेल भी एक बयान देंगे। यह बयान पशुपालन और डेयरी विभाग से जुड़ी मांगों पर कृषि समिति की चौथी रिपोर्ट में शामिल सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर होगा।
मंगलवार को बजट पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भारत अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सवाल उठाए।
लोकसभा में चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह समझौता मुक्त व्यापार समझौते जैसा कम और पूर्व निर्धारित खरीद जैसा अधिक लगता है।
उन्होंने पूछा कि एक तरफ अठारह प्रतिशत टैरिफ और दूसरी तरफ शून्य टैरिफ वाली व्यवस्था को कैसे उचित ठहराया जा सकता है। उन्होंने व्यापार असंतुलन पर भी चिंता जताई।
शशि थरूर ने इस बजट को एक गंवाया हुआ अवसर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें बेरोजगारी, बढ़ती लागत और असमानता की अनदेखी की गई है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने ट्रंप प्रशासन के साथ अनुकूल समझौता नहीं किया है। उन्होंने जमीनी हकीकत पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत पर जोर दिया।
अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा कि अमेरिका के साथ डील नहीं ढील हुई है। उन्होंने हवाई बातें करने वालों से जमीनी बात करने का आह्वान किया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को बजट पेश किया था। इसमें सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव शामिल है।
बजट में अगले पांच वर्षों में बीस राष्ट्रीय जलमार्गों को operationalise करने की भी योजना है। पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव से पहले इन घोषणाओं का विशेष महत्व है।
सीतारमण ने कहा कि सरकार पश्चिम बंगाल के दांकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए फ्रेट कॉरिडोर स्थापित करेगी। यह एक बड़ी infrastructure परियोजना है।
बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ था और दो अप्रैल को समाप्त होगा। इस दौरान कुल तीस बैठकें होंगी। तेरह फरवरी से सत्र का विश्राम होगा और नौ मार्च से फिर शुरू होगा।
यह विराम विभिन्न मंत्रालयों की मांगों की जांच के लिए स्थायी समितियों को समय देने के उद्देश्य से है। इस दौरान समितियां ग्रांट्स की विस्तृत समीक्षा करेंगी।










