भारतीय विज्ञापन जगत के सबसे बड़े नामों में से एक पियूष पांडे (Piyush Pandey) का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे विज्ञापन और क्रिएटिव इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
पियूष पांडे को भारतीय विज्ञापन जगत का Father of Indian Advertising कहा जाता है। उन्होंने Fevicol, Cadbury Dairy Milk, Asian Paints, Vodafone ZooZoo जैसे कई यादगार ब्रांड कैंपेन बनाए, जो आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं।
वे 1982 में Ogilvy & Mather (अब Ogilvy India) से जुड़े थे और अपनी मेहनत व क्रिएटिव सोच से कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने भारतीय विज्ञापन में local language, Indian emotion और real stories को जगह दी, जिससे आम जनता खुद को विज्ञापनों से जोड़ पाई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पियूष पांडे का निधन 24 अक्टूबर 2025 को हुआ। उनका अंतिम संस्कार 25 अक्टूबर को मुंबई में किया जाएगा। देशभर के विज्ञापन पेशेवर, अभिनेता और राजनेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ट्वीट कर कहा कि “पियूष पांडे ने भारतीय विज्ञापन को नई दिशा दी। उनकी रचनात्मकता और भारतीयता हमेशा याद की जाएगी।” अभिनेता Gajraj Rao ने उन्हें “Indian Advertising के Sam Manekshaw” की उपाधि दी।
उनके कुछ यादगार विज्ञापन कैंपेन
Fevicol – “Fevicol ka mazboot jod”
Cadbury Dairy Milk – “Kuch khaas hai zindagi mein”
Asian Paints – “Har ghar kuch kehta hai”
ZooZoo – Vodafone Ad Series
Bharat Petroleum – “Pure for Sure”
इन अभियानों ने न केवल ब्रांड्स को नई पहचान दी, बल्कि भारतीय संस्कृति और भावनाओं को विज्ञापन के केंद्र में लाया।
🏆 अवॉर्ड्स और उपलब्धियां
Padma Shri से सम्मानित (2016)
Cannes Lions में Lifetime Achievement Award
कई बार “Creative Person of the Year” का खिताब
पियूष पांडे ने दिखाया कि विज्ञापन सिर्फ बेचने का जरिया नहीं, बल्कि भावनाओं को जोड़ने की कला है। उन्होंने सैकड़ों युवा क्रिएटिव प्रोफेशनल्स को प्रेरित किया और भारतीय विज्ञापन को ग्लोबल पहचान दिलाई।