
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम के एक दिवसीय दौरे पर हैं। उनकी यात्रा में राज्य के कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा, शिक्षा और गतिशीलता परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ शामिल है।
पीएम मोदी सुबह 10.30 बजे डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास पर स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर उतरेंगे। यह पूर्वोत्तर की पहली ऐसी सुविधा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। यह चुनौतीपूर्ण स्थितियों के दौरान बचाव और राहत कार्यों की समय पर तैनाती सुनिश्चित करेगी।
इसके बाद पीएम मोदी ब्रह्मपुत्र नदी पर बने ‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’ का उद्घाटन करेंगे। यह पुल गुवाहाटी को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ता है।
लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल एक 6 लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट ब्रिज है। यह पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज है।
इस पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग्स का उपयोग करते हुए बेस-आइसोलेशन technology को शामिल किया गया है। साथ ही, टिकाऊपन और दीर्घकालिक संरचनात्मक प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स का इस्तेमाल किया गया है।
प्रधानमंत्री कामरूप जिले के अमीनगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए ‘नेशनल डेटा सेंटर’ का भी उद्घाटन करेंगे। यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर है।
इस डेटा सेंटर का कुल स्वीकृत लोड 8.5 मेगावाट है और औसत रैक क्षमता 10 किलोवाट है। यह विभिन्न सरकारी विभागों के मिशन-क्रिटिकल एप्लिकेशन होस्ट करेगा।
साथ ही, यह अन्य राष्ट्रीय डेटा केंद्रों के लिए एक डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में भी कार्य करेगा। यह डिजिटल infrastructure को मजबूत करेगा।
यह infrastructure पूरे क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह कनेक्टिविटी और technology के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है।
इन परियोजनाओं से असम के नागरिकों का जीवन स्तर सुधरेगा। यातायात और संचार सुविधाएं बेहतर होंगी।
इस infrastructure के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं की पहुंच में सुधार होगा। यह सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अहम है।
पुल और डेटा सेंटर जैसी परियोजनाएं राज्य के आर्थिक विकास को गति देंगी। यह व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा असम के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
यह infrastructure आने वाले वर्षों में पूर्वोत्तर राज्य की प्रगति की नींव रखेगा। यह आधुनिकता और विकास का प्रतीक बनेगा।










