
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।
प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को यह भविष्योन्मुखी बजट पेश करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है।
निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि देश की महिला शक्ति के मजबूत सशक्तिकरण को दर्शाती है।
आज का यह बजट विशाल अवसरों का एक राजमार्ग है। यह आज की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बजट को दीर्घकालिक राष्ट्रीय लक्ष्यों की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह बजट 2047 तक एक विकसित भारत की ओर हमारी उड़ान के लिए एक मजबूत आधार है।
मोदी ने कहा कि जिस सुधार एक्सप्रेस पर भारत सवार है उसे इस बजट से नई ऊर्जा और नई गति मिलेगी। भारत की महत्वाकांक्षाएं दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने से आगे की हैं।
हमारे देश के 140 करोड़ नागरिक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने से संतुष्ट नहीं हैं। हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं।
वैश्विक जुड़ाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने यूरोपीय संघ के साथ समझौता किया है। यह समझौता देश के युवाओं और लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।
यह बजट मेक इन इंडिया को गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश करता है। बजट में कई भविष्योन्मुखी प्रस्ताव शामिल हैं जो वर्तमान और दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करते हैं।
बायो फार्मा शक्ति मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 जैसे उपाय महत्वपूर्ण हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम और रेअर अर्थ कॉरिडोर का निर्माण भी प्रस्तावित है।
इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल्स पर जोर दिया गया है। टेक्सटाइल सेक्टर के लिए नई योजनाएं और हाई टेक टॉय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। चैंपियन एमएसएमई के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रधानमंत्री का मानना है कि बजट से एमएसएमई और छोटे उद्योगों को मिलने वाला समर्थन उन्हें स्थानीय से वैश्विक स्तर तक बढ़ने की ताकत देगा। सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं।
इनमें डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विस्तार और हाई स्पीड रेल का विकास शामिल है। टियर 2 और टियर 3 शहरों पर ध्यान दिया जाएगा। शहरों को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा दिया जाएगा।
यह बजट देश के सुधार सफर को नई दिशा देता है। यह नए भारत के निर्माण की दिशा में एक स्पष्ट मार्गदर्शक के रूप में काम करेगा।










