
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने अपने करियर से जुड़ी एक दिलचस्प घटना साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे श्रीलंका में एक मिस्ड कॉल उनके लिए मुत्थैया मुरलीधरन के 800वें विकेट का कारण बनी।
ओझा ने ‘चीकी सिंगल्स’ नामक शो में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, “मैच से पहले टीम बस में बैठते ही मैं अपनी मम्मी को फोन करता, फिर पापा को। अगर दोनों साथ भी बैठे होते तो भी अलग अलग कॉल करता। फिर अपने चाचा को फोन करता, जो खुद क्रिकेटर थे और उन्होंने ही मुझे इस खेल के लिए प्रेरित किया था।”
लेकिन श्रीलंका में वह दिन अलग था। ओझा ने आगे बताया, “उस दिन नेटवर्क इश्यू की वजह से कॉल कनेक्ट नहीं हुई। और यही वह पल था जब मैं मुरलीधरन के 800वें विकेट के रूप में रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज हो गया।”
इस घटना के बावजूद ओझा ने अपने करियर में शानदार प्रदर्शन किया। सचिन तेंदुलकर के रिटायर्मेंट मैच में उन्होंने दस विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता था।
33 वर्षीय ओझा ने 2008 में बांग्लादेश के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। उन्होंने भारत के लिए 24 टेस्ट, 18 वनडे और 6 टी20 मैच खेले। अपने पूरे करियर में उन्होंने 144 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए।
टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6 विकेट के लिए 47 रन रहा। आईपीएल में वह डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस की तरफ से खेले। 2009 में डेक्कन चार्जर्स के साथ आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाली टीम का भी वह अहम हिस्सा थे।