
कांग्रेस पंजाब में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मुद्दे पर एक बड़ी रैली आयोजित करने जा रही है। इस रैली में पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के शामिल होने की पुष्टि वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने की है।
बघेल ने सोमवार शाम चंडीगढ़ में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह रैली 28 फरवरी या 1 मार्च को आयोजित होने की संभावना है।
राहुल गांधी लोकसभा के अंदर और बाहर इस व्यापार समझौते का विरोध करते रहे हैं। बघेल ने कहा कि राहुल पहले से ही किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं।
इस मुद्दे पर लड़ाई की शुरुआत पंजाब से होगी। एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी जिसमें राहुल जी और अन्य पार्टी नेता मौजूद रहेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राहुल गांधी को इस मुद्दे पर बहस के लिए चुनौती दिए जाने पर बघेल ने कहा कि अमित शाह बहस करना चाहते हैं। हम वहां आएंगे। किसान आएंगे। आप समय और स्थान तय करें।
राहुल गांधी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिए देश की बिक्री का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम कई सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हम देश के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए देख रहे हैं। उनके इन आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
टिकट वितरण और विधायक दल के नेता की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर बघेल ने कहा कि ये फैसले पार्टी हाईकमान के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी टिकट वितरण में युवाओं और महिलाओं को महत्व दिया जाएगा। यह पार्टी की एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा लगती है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वरिंग ने सोमवार को हुई बैठकों का जिक्र किया। इन बैठकों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई जिनमें आंदोलन कार्यक्रम, संगठन को मजबूत करना और पंजाब में कांग्रेस सरकार बनाना शामिल था।
वरिंग ने कहा कि आप देखेंगे कि कांग्रेस कैसे जनता के मुद्दे उठाएगी। चाहे वह कानून व्यवस्था का मामला हो, मनरेगा हो या फिर भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो।
कांग्रेस ने सोमवार को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में कई बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों में पार्टी के जिला अध्यक्ष, विधायक, चुनाव लड़ चुके उम्मीदवार और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
इन बैठकों का उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए भविष्य की रणनीति तय करना था। सभी बैठकों की अध्यक्षता पंजाब प्रभारी और कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल ने की।
इन बैठकों में कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी हिस्सा लिया। पार्टी ने आगामी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने का संकल्प दिखाया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अब कांग्रेस का प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन गया है। पंजाब में होने वाली यह रैली इसी दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसानों के मुद्दे को लेकर यह रैली कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण होगी। पार्टी इसके जरिए अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।









