
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को बिहार के सात ऐसे लोगों से मुलाकात की, जिन्हें चुनाव आयोग ने राज्य के हालिया ड्राफ्ट मतदाता सूची में ‘मृत मतदाता’ घोषित कर दिया था।
यह समूह बिहार से दिल्ली तब पहुंचा था जब सुप्रीम कोर्ट बिहार में चल रहे विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई कर रहा था।
एक वीडियो को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर करते हुए, जिसमें वह इस समूह के साथ बातचीत करते दिख रहे हैं, गांधी ने कहा, “जीवन में कई दिलचस्प अनुभव हुए हैं, लेकिन कभी ‘मृत लोगों’ के साथ चाय पीने का मौका नहीं मिला। चुनाव आयोग का शुक्रिया इस अद्वितीय अनुभव के लिए!”
यह बयान चुनाव आयोग पर एक तीखा व्यंग्य माना जा रहा है। गांधी के इस कदम को राजनीतिक विश्लेषक चुनाव प्रक्रिया में विवाद की ओर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास बता रहे हैं।
बिहार में विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया पिछले कुछ समय से विवादों में घिरी हुई है। विपक्ष दलों का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गई हैं, जिन पर अभी सुनवाई चल रही है। गांधी द्वारा साझा किए गए वीडियो में ‘मृत घोषित’ किए गए लोग अपनी कहानी सुनाते नजर आते हैं।
चुनाव आयोग ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार आयोग इस मामले की जांच कर रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से इस घटना ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल इस मौके का फायदा उठाकर चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं।
गांधी का यह कदम उनकी बिहार में बढ़ती सक्रियता का संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले समय में बिहार राजनीति के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।