राम नवमी 2026 पटना महावीर मंदिर पूजा और शोभायात्रा
राम नवमी 2026 के अवसर पर बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार रात 12 बजे Mahavir Mandir में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाग लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में भारी भीड़ देखने को मिली और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान श्री राम की पूजा की। इस साल शोभायात्रा में 52 से अधिक भव्य झांकियां शामिल होने की जानकारी दी गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी बड़ा विस्तार माना जा रहा है।
दरअसल, ram-navami का यह पर्व पटना में हर साल बड़े स्तर पर मनाया जाता है, लेकिन 2026 में इसकी भव्यता और भी बढ़ी हुई दिखाई दी। नितिन नवीन ने Mahavir Mandir पहुंचकर पूजा-अर्चना की और राज्य तथा देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व आस्था, अनुशासन और जनभागीदारी का प्रतीक बन चुका है। इसी बीच मंदिर प्रशासन ने भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर खास इंतजाम किए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जानकारी के अनुसार, ram-navami शोभायात्रा की शुरुआत वर्ष 2010 में केवल 8 झांकियों के साथ हुई थी, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 52 से ज्यादा हो गई है। यह बढ़ोतरी इस पर्व की लोकप्रियता और लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। Mahavir Mandir के सचिव सयान कुणाल ने बताया कि इस बार भी शोभायात्रा ऐतिहासिक रूप में आयोजित की जा रही है और इसमें हजारों लोग शामिल हो रहे हैं। वहीं प्रशासन ने ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए विशेष प्लान तैयार किया है।
ऐसे में ram-navami का असर केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल रहा है। पटना के बाजारों में भीड़ बढ़ गई है, फूल, पूजा सामग्री और मिठाइयों की बिक्री में तेजी आई है। वहीं होटल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी हलचल देखी जा रही है। जानकारों के अनुसार, इस तरह के बड़े धार्मिक आयोजनों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलता है और शहर की पहचान मजबूत होती है।
राम नवमी का धार्मिक महत्व भी काफी खास है क्योंकि इसी दिन भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। देशभर में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, खासकर अयोध्या में इसकी विशेष छटा देखने को मिलती है। बिहार में भी ram-navami को लेकर लोगों में खास उत्साह रहता है और नवरात्रि के नौ दिनों तक व्रत और पूजा का विशेष महत्व होता है। लोग सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं और ध्यान-पूजा के जरिए आध्यात्मिक शांति की ओर बढ़ते हैं।
अब सवाल यह है कि आने वाले वर्षों में ram-navami का यह आयोजन किस स्तर तक पहुंचेगा। जिस तरह से झांकियों की संख्या और लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, उससे साफ है कि यह पर्व और भी भव्य रूप ले सकता है। प्रशासन और आयोजन समिति भी इसे और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है ताकि हर साल यह आयोजन नए रिकॉर्ड बना सके और लोगों की आस्था का केंद्र बना रहे।










