
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज रिशभ पंत ने युवाओं से अपने करियर की शुरुआत में ही अपनी सीमाओं को धकेलने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि जीवन में बाद में आराम करने और धीमा होने का समय मिलेगा।
पंत ने सोमवार को यह बात मुंबई में कही। उन्होंने कहा कि शुरुआती वर्षों में अपने लक्ष्य के प्रति पागल होना जरूरी है। युवावस्था में ठीक होने और बढ़ने का समय और ऊर्जा दोनों होती है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्होंने हमेशा भारत के लिए मैच जीतने के एक ही सपने के साथ खेला है। यही उनकी प्रेरणा का मुख्य स्रोत रहा है।
पंत ने जीवन और क्रिकेट के प्रति अपने दृष्टिकोण में एक बड़ा बदलाव कोविड-19 महामारी के दौरान आने की बात कही। इस दौरान वे और अधिक गंभीर हो गए।
उन्होंने बताया कि बहुत कम उम्र में ही पिता को खो देने से सकारात्मक तरीके से जिम्मेदारी लेना सीखने को मिला। इस अनुभव ने उन्हें वास्तव में मजबूत बनाया।
लेकिन गंभीर होने का एक प्रमुख हिस्सा कोविड-19 महामारी के बाद आया। जब आप एक युवा के रूप में खेल रहे होते हैं तो आप वास्तव में अपने वित्त के बारे में नहीं सोचते। आप केवल क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
पंत ने यह बात एसबीआई लाइफ के ब्रांड एंबेसडर के रूप में नियुक्त होने पर कही। उन्हें रविंद्र जडेजा के साथ जॉली और पॉली के रूप में ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है।
उनका संदेश स्पष्ट है। युवाओं को अपनी पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ शुरुआत करनी चाहिए। जवानी में मेहनत करने का फायदा पूरे जीवन भर मिलता है।
पंत ने अपने अनुभव साझा करते हुए जिम्मेदारी की अहमियत समझाई। कठिन समय ने ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उनके अनुसार, युवा खिलाड़ियों को खेल के प्रति अपने प्यार को कभी कम नहीं होने देना चाहिए। यही प्यार उन्हें महान बनाता है।
पंत की सलाह है कि शुरुआती दौर में सीखने और खुद को चुनौती देने पर फोकस करो। सफलता अपने आप मिल जाएगी।
उनका मानना है कि कोविड के बाद का समय उनके लिए एक टर्निंग प्वाइंट था। इसने जीवन के प्रति उनकी सोच को परिपक्व बनाया।
पंत की कहानी युवाओं के लिए एक मिसाल है। कड़ी मेहनत और लगन से ही बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
उनकी सीख सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है। यह हर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है।
रिशभ पंत आज देश के सबसे चमकते सितारों में से एक हैं। उनकी यह यात्रा शुरुआत में की गई कड़ी मेहनत का ही नतीजा है।










