Rupee-USDollar
भारतीय मुद्रा Rupee ने मंगलवार को अमेरिकी Dollar के मुकाबले मजबूत वापसी दर्ज की और 36 पैसे की बढ़त के साथ ₹91.85 प्रति Dollar पर बंद हुई। पिछले कारोबारी दिन Rupee ₹92.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था, लेकिन नई ट्रेडिंग में इसमें उल्लेखनीय सुधार देखा गया। Interbank Foreign Exchange Market में Rupee की शुरुआत ₹91.92 पर हुई और दिनभर यह ₹91.71 से ₹92.19 के दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में Rupee ₹91.85 पर बंद हुआ, जिससे Market में सकारात्मक संकेत देखने को मिले। Rupee 91.85 स्तर पर बंद होने की खबर से वित्तीय बाजारों में स्थिरता की उम्मीद भी बढ़ी है।
दरअसल Rupee 91.85 की इस रिकवरी के पीछे कई वैश्विक कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय Market में Crude Oil की कीमतों में आई तेज गिरावट है। Brent Crude Futures में लगभग 8.31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कीमत करीब 90.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। Crude Oil की कीमत कम होने से भारत जैसे तेल आयातक देशों की मुद्रा को राहत मिलती है। इसी वजह से Rupee 91.85 की रिकवरी संभव हुई। इसके अलावा Global Market में Dollar Index भी कमजोर रहा, जिससे Rupee को अतिरिक्त समर्थन मिला।
इसी बीच विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि Global Market में जोखिम भावना कम होने से Rupee को मजबूती मिली है। हाल के भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के संकेत मिलने से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है। इसी कारण Dollar की मजबूती में कमी आई और Rupee 91.85 स्तर तक मजबूत हुआ। Market विश्लेषकों के अनुसार यदि Crude Oil की कीमतें इसी तरह नियंत्रित रहती हैं और Dollar Index कमजोर बना रहता है, तो Rupee की स्थिति और बेहतर हो सकती है। फिलहाल ट्रेडर्स Rupee 91.85 के आसपास स्थिरता को सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
घरेलू शेयर Market की मजबूती ने भी Rupee को सहारा दिया। मंगलवार के कारोबार में Sensex 639.82 अंक उछलकर 78,205.98 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 233.55 अंक बढ़कर 24,261.60 पर पहुंच गया। Stock Market में इस तेजी से विदेशी निवेशकों का भरोसा भी कुछ हद तक मजबूत हुआ है। हालांकि पिछले सत्र में Foreign Institutional Investors ने लगभग ₹6,345.57 करोड़ के शेयर बेचे थे, लेकिन मजबूत Market प्रदर्शन से Rupee 91.85 की रिकवरी को सहारा मिला। Market विशेषज्ञ मानते हैं कि Stock Market की स्थिरता का सीधा असर मुद्रा बाजार पर पड़ता है।
जानकारों के अनुसार आने वाले दिनों में Rupee की दिशा काफी हद तक Global Market संकेतों पर निर्भर करेगी। अगर Crude Oil की कीमतें कम रहती हैं और Dollar Index कमजोर रहता है तो Rupee 91.85 से और मजबूत हो सकता है। वहीं यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव फिर से बढ़ता है या Oil Price में उछाल आता है तो Rupee पर दबाव लौट सकता है। फिलहाल Forex Market में अनुमान लगाया जा रहा है कि निकट अवधि में USD-INR का कारोबार लगभग ₹91.60 से ₹92.20 के दायरे में रह सकता है।
अब सवाल यह है कि क्या Rupee 91.85 की यह रिकवरी लंबे समय तक टिक पाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था, स्थिर Stock Market और नियंत्रित Oil Price Rupee को सहारा दे सकते हैं। यदि विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ता है तो Rupee 91.85 से और मजबूत स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि Global घटनाक्रम और ऊर्जा कीमतें अभी भी सबसे बड़ा जोखिम कारक बनी हुई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में Forex Market की चाल पर निवेशकों और नीति निर्माताओं की नजर बनी रहेगी।











