
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के नॉकआउट मैचों को इंदौर से हटाकर पुणे ले जाने का फैसला किया है। इसकी वजह लॉजिस्टिकल समस्याएं बताई जा रही हैं। यह निर्णय टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण चरण से ठीक पहले लिया गया है।
नॉकआउट मैच अब 12 से 18 दिसंबर तक पुणे में खेले जाएंगे। मैचों की मेजबानी महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम और डॉ डीवाई पाटिल अकादमी ग्राउंड करेंगे।
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ रोहित पंडित ने इस बदलाव की वजह स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि इंदौर में 9 से 12 दिसंबर तक एक वैश्विक डॉक्टर्स कॉन्फ्रेंस हो रही है। इस वजह से होटलों में कमरों की उपलब्धता नहीं है।
एमपीसीए ने बीसीसीआई को करीब पंद्रह दिन पहले यह जानकारी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नॉकआउट मैचों की मेजबानी करने में असमर्थ हैं। इसके बाद ही बोर्ड ने वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि यह बदलाव एमपीसीए के अनुरोध पर किया गया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी एक प्रमुख घरेलू टी20 टूर्नामेंट है। इसमें देश के कई शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेने वाले हैं।
इस बीच इंडिगो फ्लाइट संकट भी बीसीसीआई की चिंता बढ़ा रहा है। लगभग एक हजार फ्लाइट्स के कैंसिल होने और कई अन्य उड़ानों में व्यवधान से घरेलू टूर्नामेंटों का शेड्यूल प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का लीग स्टेज चार वेन्यू पर चल रहा है। ये वेन्यू हैं अहमदाबाद, कोलकाता, लखनऊ और हैदराबाद। इन सभी स्थानों पर मैच सफलतापूर्वक आयोजित किए जा रहे हैं।
एक सूत्र ने बताया कि यदि फ्लाइट संकट जारी रहा तो यह एक बड़ी चुनौती होगी। आठों टीमों को पुणे पहुंचाने के साथ ही अंपायरों और अन्य अधिकारियों की यात्रा भी प्रभावित हो सकती है।
इस समय महिला अंडर 23 टी20 ट्रॉफी अहमदाबाद में चल रही है। साथ ही पुरुष अंडर 19 कूच बिहार ट्रॉफी भी जारी है। इन टूर्नामेंटों के लिए भी टीमों और अधिकारियों को लगातार यात्रा करनी पड़ती है।
फ्लाइटों के बार बार कैंसिल होने से इन यात्राओं में भी बाधा आ सकती है। इससे मैचों के शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका है। बीसीसीआई इन सभी मुद्दों पर नजर बनाए हुए है।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के नॉकआउट मैच अब पुणे की तैयारियों के साथ आगे बढ़ेंगे। महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन ने पहले भी कई बड़े मैचों की सफल मेजबानी की है।
पुणे के स्टेडियमों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां खिलाड़ियों के ठहरने और अभ्यास की उचित व्यवस्था होगी। इससे टूर्नामेंट के स्तर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बीसीसीआई का लक्ष्य है कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी बिना किसी रुकावट के पूरी हो। खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधा उनकी प्राथमिकता है। इसलिए वेन्यू बदलने का निर्णय लिया गया।
क्रिकेट प्रेमी इस टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पुणे के मैदानों पर जोरदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। देश के युवा और अनुभवी खिलाड़ी अपना जलवा दिखाएंगे।
टूर्नामेंट का समापन 18 दिसंबर को होगा। उम्मीद है कि सभी टीमें समय पर पुणे पहुंच जाएंगी और यह क्रिकेट उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न होगा।












