IPL में अपने डेब्यू की पहली ही गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने जो छक्का लगाया, उसने सबका ध्यान खींच लिया। एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से लगाया गया वह छक्का सिर्फ एक शॉट नहीं था, बल्कि यह एक साफ संदेश था – यह लड़का किसी से डरने वाला नहीं है।
सिर्फ 14 साल की उम्र में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए सूर्यवंशी ने जिस आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाज़ी की, उसने सभी को हैरान कर दिया। बड़े-बड़े नामों और बड़े मौकों का कोई असर उनके चेहरे पर नहीं दिखा। शांत, स्थिर और ज़मीन से जुड़ा हुआ रवैया – यही उनकी पहचान बनती जा रही है।
राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज़ी कोच विक्रम राठौर ने उनके बारे में बताया, “जैसे आप उन्हें मैदान पर देख रहे हैं, वैसे ही वो नेट्स में भी हैं – बेखौफ और जोश से भरे हुए। वो बिना किसी हिचकिचाहट के जोफ्रा आर्चर जैसे गेंदबाज़ों का सामना करते हैं, जैसे उन्हें किसी का डर ही नहीं।”
हालांकि उन्होंने रिकॉर्डतोड़ पारी खेली, लेकिन मैच के बाद मीडिया से उन्हें दूर ही रखा गया। कोच राठौर ही उनकी ओर से बोलने आए। यह एक सोच-समझकर लिया गया फैसला था – ताकि यह कम उम्र का खिलाड़ी बिना किसी दबाव के सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दे सके।
सोमवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने जिस तरह की बल्लेबाज़ी की, वह IPL इतिहास में दर्ज हो चुकी है। मोहम्मद सिराज की पहली गेंद पर 90 मीटर लंबा छक्का लगाकर उन्होंने अपने इरादे ज़ाहिर कर दिए।
फील्ड में चालाकी से बिछाए गए जालों के बावजूद वह हवाई शॉट लगाने से नहीं डरे। हाँ, उनकी पारी में कुछ किस्मत भी शामिल रही – कुछ किनारों से चौके और एक-दो बार कैच टपके भी। लेकिन उनकी हिम्मत और स्ट्रोकप्ले ने गेंदबाज़ों की रणनीति को ध्वस्त कर दिया।
पांचवें ओवर तक वह अर्धशतक तक पहुँच गए थे। उस ओवर में इशांत शर्मा को उनके बल्ले से 28 रन पड़े – जिनमें एक शानदार फ्लिक, दो किनारे और एक “नो-लुक” छक्का भी शामिल था। फिर वॉशिंगटन सुंदर को 21 रन पड़े, प्रसिद्ध कृष्णा को 17 और करीम जनत को 30 रन।
राठौर ने बताया कि नेट्स में पिछले चार महीनों से उन्होंने वैभव में यही आग और कौशल देखा था। उन्हें हैरानी नहीं हुई, लेकिन ये ज़रूर खास था कि एक 14 साल का खिलाड़ी यह सब IPL जैसे बड़े मंच पर कर रहा था – वह भी इस सीज़न के सबसे मज़बूत गेंदबाज़ों के खिलाफ।
अगर केवल स्कोरकार्ड देखें तो यह किसी भी हाई-स्कोरिंग IPL मैच जैसा लग सकता है – लेकिन जो इसे खास बनाता है, वो है उनकी उम्र: 14 साल और 32 दिन। यह IPL इतिहास में किसी भारतीय का सबसे तेज़ शतक था, और वैश्विक T20 क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी का इतनी कम उम्र में पहला शतक।
बल्लेबाज़ी में उनकी ताक़त को लेकर सचिन तेंदुलकर ने कहा – “बिल्कुल निडर, तेज़ बैट स्पीड, गेंद की लंबाई जल्दी पहचानने की क्षमता और शॉट्स में ऊर्जा।” कोच राठौर ने इसे दो शब्दों में समझाया – “शानदार डाउनस्विंग।”
हालाँकि, कोच ने साथ ही यह भी चेतावनी दी कि इस उम्र में ज़्यादा उम्मीदें या तुलना करना ठीक नहीं होगा। “अभी तो यह उसकी शुरुआत है,” राठौर ने कहा। “वो एक खास खिलाड़ी है। अगर मेहनत करता रहा तो बहुत आगे जाएगा।”