
नई दिल्ली: तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता और महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। राजनीति में चार दशक से ज्यादा का अनुभव रखने वाले राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्तूबर 1957 को तिरुपुर में हुआ था।
राधाकृष्णन ने 1970 के दशक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति में शामिल हुए। वह 2004 से 2007 तक भाजपा के तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष रहे और कोयंबटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए। तमिलनाडु से लोकसभा पहुंचने वाले वह भाजपा के कुछ चुनिंदा नेताओं में से एक हैं।
गौंडर समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 67 वर्षीय राधाकृष्णन को पार्टी में पिछड़े वर्गों की प्रमुख आवाज माना जाता है। राजनीति से इतर, उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्री हासिल की है और टेबल टेनिस, लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग, क्रिकेट और वॉलीबॉल जैसे खेलों में उनकी खास रुचि रही है।
उनका राज्यपाल का सफर फरवरी 2023 में झारखंड के राज्यपाल के तौर पर शुरू हुआ। 2024 में उन्हें अतिरिक्त प्रभार के तहत तेलंगाना और पुद्दुचेरी का राज्यपाल बनाया गया। 31 जुलाई 2024 को उन्होंने महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली।
17 अगस्त को नई दिल्ली में भाजपा की संसदीय बोर्ड बैठक में उनके नाम पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनके नाम की घोषणा करते हुए इसे सर्वसम्मति से लिया गया फैसला बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राधाकृष्णन ने हमेशा वंचितों को सशक्त बनाने पर ध्यान दिया है और उन्होंने समर्पण, विनम्रता व बुद्धिमता से खुद को साबित किया है।
उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होना है। नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त है जबकि 25 अगस्त तक नाम वापस लिया जा सकता है। जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। अब सवाल यह है कि क्या विपक्ष इस चुनाव में अपना उम्मीदवार खड़ा करेगा या राधाकृष्णन को बिना विरोध के निर्वाचित होने दिया जाएगा।