
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर नीति 2024 के तहत विशेष प्रोत्साहनों का पैकेज मंजूर किया है। इसका लक्ष्य इस रणनीतिक क्षेत्र में तीन हजार करोड़ रुपये और उससे अधिक के बड़े निवेश को आकर्षित करना है।
ये प्रोत्साहन प्रत्येक मामले के आधार पर दिए जाएंगे। इनमें ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत की प्रतिपूर्ति और दस साल के लिए राज्य जीएसटी से पूर्ण छूट शामिल है।
साथ ही उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए प्रति माह दो हजार रुपये तक ईपीएफ की पूरी प्रतिपूर्ति होगी। पानी के टैरिफ में रियायत और दस वर्षों तक बिजली बिल पर दो रुपये प्रति यूनिट की छूट भी मिलेगी।
राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि सेमीकंडक्टर निर्माण दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका, यूरोप, जापान और ताइवान जैसे देश इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
नई नीति का उद्देश्य भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को इस रणनीतिक उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाना है। इससे राज्य में भारी निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कैबिनेट में रखे गए चौदह प्रस्तावों में से तेरह को मंजूरी मिल गई है। यह निर्णय राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
इसके अलावा कैबिनेट ने पीलीभीत में एक आधुनिक बस स्टेशन के निर्माण को भी हरी झंडी दिखाई। यह स्टेशन तनकपुर रोड पर जिला मुख्यालय के पास बनेगा।
यह सुविधा राजस्व विभाग की जमीन पर विकसित की जाएगी। इस जमीन को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को तीस वर्षों के लिए लीज पर दिया गया है। लीज को नब्बे वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
नया बस स्टेशन दो वर्ष के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। इससे उत्तराखंड और नेपाल जाने वाले यात्रियों की सुविधा में काफी सुधार होगा।
कैबिनेट ने वाराणसी में एक नए अस्पताल के निर्माण को भी मंजूरी दी। शिव प्रसाद गुप्ता एसएसपीजी डिविजनल डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में ग्यारह जीर्ण भवनों को गिराया जाएगा।
इनकी जगह पर 315.48 करोड़ रुपये की लागत से 500 बिस्तरों का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनेगा। यह परियोजना चार वर्ष में पूरी होगी।
इसका साठ प्रतिशत धन केंद्र सरकार और चालीस प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। इससे पूर्वांचल के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसी तरह कानपुर में भी एक निर्णय लिया गया। 37वीं बटालियन पीएसी के पुराने आवासीय क्वार्टरों को गिराया जाएगा। उनकी जगह पर कर्मियों के रहने की स्थिति सुधारने के लिए 108 नए टाइप वन स्पेशल आवास इकाइयों का निर्माण होगा।
एक और महत्वपूर्ण फैसला वाराणसी जिले के तहसील राजा तालाब में लिया गया। पशुपालन विभाग की पचास एकड़ जमीन नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी को निन्यानबे वर्ष की लीज पर मुफ्त दी जाएगी।
इस पर गांधीनगर स्थित विश्वविद्यालय का ऑफ कैंपस स्थापित किया जाएगा। नए कैंपस से राज्य में फॉरेंसिक साइंस, साइबर अपराध जांच और आपराधिक न्याय की शैक्षणिक व तकनीकी क्षमता मजबूत होगी।
खेल विभाग में अठारह रिक्त क्षेत्रीय खेल अधिकारी पदों की भर्ती नियमों में संशोधन को भी मंजूरी मिली। अब इनमें से दो तिहाई पद पदोन्नति से और एक तिहाई पद ओलंपिक, एशियाई खेल या राष्ट्रमंडल खेलों के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
ये सभी निर्णय राज्य के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में व्यापक विकास का संकेत देते हैं। सेमीकंडक्टर नीति के साथ यूपी तकनीकी नक्शे पर एक नई पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर है।










