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पाकिस्तान ने शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और पक्टिया शहरों पर बड़े पैमाने पर हवाई बमबारी के बाद अफगान सरकार के साथ “open war” की घोषणा की है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा असिफ ने कहा कि सीमापार हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई है और “अब दो देशों के बीच खुला युद्ध है।” पाकिस्तान का दावा है कि हमलों में सैकड़ों अफगान तालिबान और सैन्य अधिकारी मारे गए हैं।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार की सुबह 1:50 बजे से पाकिस्तानी वायु सेना ने अफगान राजधानी काबुल के साथ-साथ दक्षिणी कंधार और पूर्वी पक्टिया को लक्षित किया, जहाँ पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने “खुले युद्ध” की स्थिति घोषित कर दी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बड़ी संख्या में हवाई गश्त और मोर्टार फायर की रिपोर्टें भी सामने आईं हैं।
अफगान अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान की ओर से की गई यह हवाई बमबारी नागरिक इलाकों को भी प्रभावित कर रही है और अफगान सरकार ने कड़ा विरोध जताते हुए पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का संकेत दिया है। अफगान सरकार के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी हमलों में कई नागरिक प्रभावित हुए हैं और यह अफगान क्षेत्र की संप्रभुता का उल्लंघन है।
दोनों देशों के बीच open war की घोषणा ऐसे समय में आई है जब सीमा पर संघर्ष महीनों से जारी था। पाकिस्तान तालिबान पर आरोप लगाता रहा है कि वह अपने क्षेत्र में पाकिस्तानी तालिबान और अन्य आतंकवादी समूहों को आश्रय देता है और उनके द्वारा होने वाले आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार है। अफगान पक्ष इन आरोपों को खारिज करता रहा है और कहा है कि वह अपने देश की रक्षा के लिए कार्रवाई करे रहा है।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि सीमा के पास open war के निर्णय के बाद पाकिस्तानी सेना ने सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं और कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। इस गंभीर स्थिति के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक देशों ने संघर्ष को रोकने और बातचीत के उपायों को बढ़ावा देने का आग्रह किया है लेकिन फिलहाल युद्ध की स्थिति जारी है और तनाव बढ़ता जा रहा है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों ने एक-दूसरे पर भारी नुकसान का आरोप लगाया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने हवाई हमलों में 274 तालिबान लड़ाके मार गिराए हैं जबकि अफगान पक्ष ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुँचाया है। इस स्थिति के बीच सीमा पर नागरिकों और सैनिकों के जीवन को खतरा बढ़ गया है और स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है।










