nari-shakti-run-patna-3km
17 अप्रैल 2026 को पटना में लगभग 2 से 3 किलोमीटर लंबी Nari Shakti Run का आयोजन किया गया, जिसे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें छात्राएं, प्रोफेशनल्स और सामाजिक संगठनों से जुड़ी प्रतिभागी शामिल रहीं। यह आयोजन Nari Shakti Vandan अभियान के तहत हुआ, जिसका मकसद महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है। nari-shakti-run-patna-3km इस पूरे आयोजन का मुख्य फोकस बना रहा।
दरअसल यह दौड़ संसद के विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल 2026 के संदर्भ में आयोजित की जा रही है, जहां महिलाओं के प्रतिनिधित्व और सीमांकन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इसी कड़ी में Patna समेत देश के 7 बड़े शहरों में यह अभियान चलाया जा रहा है। पटना और जयपुर में यह कार्यक्रम 17 अप्रैल को हुआ, जबकि बाकी शहरों में 18 अप्रैल को आयोजन तय है। nari-shakti-run-patna-3km के जरिए सरकार ने एक मजबूत सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है।
कार्यक्रम के दौरान बीजेपी नेता श्रेयसी सिंह ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया और महिला आरक्षण से जुड़े फैसलों को अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, चाहे वह बूथ स्तर हो या पार्टी संगठन। इस आयोजन में National Service Scheme, Sports Authority of India और MY Bharat जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया गया। nari-shakti-run-patna-3km में युवाओं की भागीदारी भी खास रही।
वहीं इस पहल का असर सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर देखने को मिल रहा है। जानकारों के अनुसार ऐसे अभियानों से महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ती है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रियता मजबूत होती है। खासकर बिहार जैसे राज्य में जहां नई राजनीतिक परिस्थितियां बनी हैं, वहां nari-shakti-run-patna-3km जैसे आयोजन सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।
इसी बीच यह भी देखा गया कि कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जिससे युवाओं में उत्साह बढ़ा। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और प्रबंधन के खास इंतजाम किए गए थे ताकि बड़ी संख्या में आई महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो। nari-shakti-run-patna-3km ने एक सकारात्मक सामाजिक माहौल तैयार किया।
अब सवाल यह है कि क्या इस तरह के अभियान लंबे समय तक प्रभाव डाल पाएंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से होते रहे तो महिलाओं की भागीदारी न सिर्फ राजनीति बल्कि आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी बढ़ेगी। फिलहाल nari-shakti-run-patna-3km ने एक मजबूत शुरुआत जरूर कर दी है, जिसका असर आने वाले समय में और स्पष्ट हो सकता है।










