
भारतीय शेयर Market में 6 मार्च 2026 को तेज गिरावट देखने को मिली जब Nifty 50 Index 315.45 अंक यानी करीब 1.27% टूटकर 24,450.45 पर बंद हुआ। इसी दौरान BSE Sensex भी लगभग 1,097 अंक गिरकर 78,918.90 के स्तर पर बंद हुआ। Dalal Street पर इस गिरावट का असर काफी व्यापक रहा और Market से कुछ ही दिनों में करीब ₹19 लाख करोड़ की Market Value घटने की चर्चा तेज हो गई। Nifty 50 में आई इस गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है क्योंकि हाल के दिनों में Index लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है।
दरअसल हालिया गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी को माना जा रहा है। International स्तर पर बढ़े तनाव के कारण Oil Supply को लेकर चिंता बढ़ी, जिसका सीधा असर भारतीय Market पर पड़ा। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर Oil Import करता है, इसलिए Oil Price में बढ़ोतरी होने पर Nifty 50 जैसे Index पर दबाव बढ़ जाता है। इसी बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी Market की कमजोरी का एक बड़ा कारण बनी।
सेक्टर स्तर पर देखा जाए तो Banking, Financial Services और Infrastructure कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला। Axis Bank, ICICI Bank और UltraTech Cement जैसे कई बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं Shriram Finance भी Top Losers की सूची में शामिल रहा। हालांकि Nifty 50 में कुछ कंपनियों ने मजबूती भी दिखाई। Bharat Electronics, Reliance Industries, NTPC और Sun Pharma जैसे शेयरों में खरीदारी देखी गई, जिससे Market को थोड़ी राहत मिली।
Market विशेषज्ञों का कहना है कि Nifty 50 में आई यह गिरावट पूरी तरह घरेलू कारणों से नहीं बल्कि वैश्विक संकेतों से भी प्रभावित है। International Market में बढ़ती अस्थिरता और Oil Price में तेजी के कारण निवेशकों का रुख सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ गया है। इसी वजह से कई निवेशकों ने Equity Market से पैसा निकालकर Gold और Dollar जैसे विकल्पों में निवेश करना शुरू किया। ऐसे में Nifty 50 पर दबाव बना रहना स्वाभाविक माना जा रहा है।
इसी बीच Currency Market में भी दबाव देखने को मिला और रुपया Dollar के मुकाबले कमजोर हुआ। Oil Import महंगा होने से Inflation को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं। अगर Oil Price लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और Corporate Profit पर भी पड़ सकता है। यही कारण है कि Market विशेषज्ञ Nifty 50 की आगामी चाल पर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
अब सवाल यह है कि आने वाले दिनों में Nifty 50 किस दिशा में जाएगा। कई विश्लेषकों का मानना है कि Index के लिए 24,400 के आसपास Support Level महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर यह स्तर टूटता है तो गिरावट और गहरी हो सकती है। वहीं अगर Market में सकारात्मक वैश्विक संकेत मिलते हैं तो Nifty 50 में तेजी भी लौट सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर Oil Price, विदेशी निवेश और वैश्विक घटनाओं पर बनी हुई है, क्योंकि यही कारक आने वाले समय में Nifty 50 की दिशा तय करेंगे।










