Fuel Crisis: 60 दिन का Oil Stock, Petrol ₹5 महंगा
देश में Fuel Crisis की आशंका के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है, जहां सरकार ने बताया कि भारत के पास करीब 60 दिन का Oil Stock मौजूद है, जबकि LPG का स्टॉक लगभग 30 दिन के लिए पर्याप्त है। इसी बीच Nayara Energy ने पेट्रोल की कीमत में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। Fuel Crisis को लेकर बढ़ती चिंता के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं।
दरअसल West Asia में चल रहे तनाव और संभावित सप्लाई बाधाओं के चलते सरकार ने स्थिति की समीक्षा तेज कर दी है। Fuel Crisis के खतरे को देखते हुए केंद्र ने राज्यों को अलर्ट रहने और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। बैठक में राज्य स्तर पर फ्यूल वितरण, स्टॉक मैनेजमेंट और इमरजेंसी प्लानिंग पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में यह साफ है कि सरकार किसी भी संभावित संकट से पहले तैयारी सुनिश्चित करना चाहती है।
तकनीकी तौर पर देखें तो भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय Market में हलचल का सीधा असर देश पर पड़ता है। Fuel Crisis के बीच Oil कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। Nayara Energy द्वारा कीमत बढ़ाने का फैसला इसी दबाव का संकेत माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार अगर West Asia में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में Fuel Crisis और गंभीर हो सकता है, जिससे कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं आम लोगों पर इसका सीधा असर दिखने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ेगी, जिसका असर खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान पर भी पड़ेगा। Fuel Crisis के चलते महंगाई बढ़ने का खतरा भी सामने आ रहा है। ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सप्लाई बनी रहे और कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
इसी बीच यह भी कहा जा रहा है कि भारत ने रणनीतिक Oil Reserve को सुरक्षित रखा हुआ है, जो आपात स्थिति में काम आ सकता है। Fuel Crisis के दौरान इन रिजर्व का इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि बाजार में सप्लाई बनी रहे। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय तक संकट रहने पर यह भी पर्याप्त नहीं होगा और वैकल्पिक सप्लाई चैनल्स की जरूरत पड़ेगी।
अब सवाल यह है कि आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी। अगर West Asia का तनाव कम होता है तो Fuel Crisis का असर सीमित रह सकता है, लेकिन अगर हालात बिगड़ते हैं तो भारत को कीमतों और सप्लाई दोनों मोर्चों पर चुनौती का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में आज होने वाली PM Modi की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, जहां आगे की रणनीति तय होगी और राज्यों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।











