Yogi adityanath
दिल्ली-देहरादून Economic Corridor का औपचारिक उद्घाटन हो चुका है और इसकी कुल लंबाई करीब 210-213 किलोमीटर बताई जा रही है। इस हाईस्पीड corridor के शुरू होते ही दिल्ली से देहरादून का सफर अब लगभग 6 घंटे से घटकर सिर्फ 2.5 घंटे रह जाएगा। सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान CM योगी आदित्यनाथ ने इस project को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए “गेमचेंजर” बताया और कहा कि इससे पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा।
दरअसल, यह Economic Corridor दिल्ली, बागपत, शामली, सहारनपुर होते हुए देहरादून को जोड़ता है। यह 6-लेन access-controlled highway है जिसे करीब 12000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि logistics और transport लागत भी कम होगी, जिससे व्यापार और उद्योग को सीधा फायदा मिलेगा। इसी बीच, यह corridor NCR के ट्रैफिक दबाव को भी कम करने में मदद करेगा।
CM योगी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार की वजह से इस तरह के बड़े infrastructure project तेजी से पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहारनपुर की wood industry, मेरठ के sports goods और आसपास के जिलों के कृषि उत्पादों को अब global market तक बेहतर पहुंच मिलेगी। ऐसे में delhi-dehradun corridor क्षेत्रीय export को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
वहीं, जानकारों के अनुसार delhi-dehradun corridor के चलते रियल एस्टेट और industrial development में भी तेजी आने की संभावना है। बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों में नई investment आएगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा tourism sector को भी बड़ा boost मिलेगा क्योंकि देहरादून और उत्तराखंड के अन्य hill station तक पहुंच अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।
सरकार ने इस corridor में environment को ध्यान में रखते हुए wildlife corridor और underpass जैसी सुविधाएं भी जोड़ी हैं। यह खासतौर पर राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में wildlife protection के लिए डिजाइन किया गया है। इसी वजह से इसे modern और eco-friendly highway के रूप में देखा जा रहा है। delhi-dehradun corridor भविष्य के sustainable infrastructure का उदाहरण बन सकता है।
अब सवाल यह है कि आने वाले समय में इस project का कितना बड़ा आर्थिक असर दिखेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह corridor पश्चिमी यूपी को एक नए industrial hub के रूप में विकसित कर सकता है। साथ ही, सहारनपुर में Maa Shakumbhari University, सरसावा एयरपोर्ट और जेवर फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट मिलकर इस पूरे क्षेत्र को विकास के नए केंद्र में बदल सकते हैं।












